गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भारत ने अपनी सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता का ऐसा प्रदर्शन किया कि पूरी दुनिया दंग रह गई। इस वर्ष की परेड का सबसे बड़ा आकर्षण रहा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) की झांकी और उसकी गर्जना, जिसने भारतीय सेना के अदम्य साहस को वैश्विक पटल पर गौरवान्वित किया।
| आकर्षण | विवरण |
| ऑपरेशन सिंदूर झांकी | दुर्गम हिमालयी चोटियों पर भारतीय सेना के सफल ऑपरेशन के दृश्यों को सजीव किया गया। |
| नारी शक्ति | इस बार भी परेड में महिला अधिकारियों के नेतृत्व वाली टुकड़ियों ने शौर्य का प्रदर्शन किया। |
| स्वदेशी हथियार | ‘मेड इन इंडिया’ टैंक, मिसाइल सिस्टम और रडार का भव्य प्रदर्शन किया गया। |
| फ्लाईपास्ट | राफेल और स्वदेशी ‘तेजस’ विमानों ने आसमान में ‘वंदे मातरम्’ की आकृति उकेरी। |
| सांस्कृतिक विविधता | विभिन्न राज्यों की झांकियों में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की झलक दिखी। |
कर्तव्य पथ पर जैसे ही सेना की वह टुकड़ी पहुँची जिसने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था, पूरा माहौल तालियों और ‘वंदे मातरम्’ के नारों से गूँज उठा।
शौर्य गाथा की झलक:
- रणनीतिक पराक्रम: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की झांकी में दिखाया गया कि कैसे भारतीय जांबाजों ने शून्य से नीचे के तापमान में दुश्मन के मंसूबों को नाकाम किया। वैश्विक मीडिया और उपस्थित विदेशी राष्ट्राध्यक्षों ने भी इस साहसिक प्रदर्शन की सराहना की।
- वंदे मातरम् का उद्घोष: इस वर्ष परेड के संगीत में ‘वंदे मातरम्’ की धुन को नए और ऊर्जावान संगीत के साथ जोड़ा गया था, जिसने हर भारतीय के भीतर देशभक्ति का संचार किया।
- तकनीक और परंपरा का संगम: एक ओर जहाँ आधुनिक ड्रोन स्वार्म्स (Drone Swarms) का प्रदर्शन हुआ, वहीं दूसरी ओर ऊंट सवार सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने पारंपरिक गौरव को बरकरार रखा।
ऐतिहासिक क्षण: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य अतिथि ने जब सलामी मंच से इन बहादुरों का अभिवादन किया, तो यह संदेश स्पष्ट था कि भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार और सक्षम है।
















