मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुरवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए परेड का निरीक्षण किया और आसमान में शांति के प्रतीक सफेद कबूतर व गुब्बारे छोड़े।
| बिंदु | मुख्य संदेश |
| संविधान और सुशासन | संविधान हमारे देश की आत्मा है और ‘सुशासन’ ही छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास का आधार है। |
| नक्सलवाद पर प्रहार | सरकार बस्तर में शांति बहाली के लिए प्रतिबद्ध है। नियद नेल्लानार (आपका अच्छा गांव) योजना से बदलाव आ रहा है। |
| किसान कल्याण | धान का समर्थन मूल्य और बकाया बोनस का भुगतान किसानों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। |
| युवा शक्ति | प्रदेश के युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। |
| महतारी वंदन | महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना के सफल क्रियान्वयन पर जोर। |
समारोह के दौरान पुलिस लाइन मैदान में सुरक्षा बलों की विभिन्न टुकड़ियों ने शानदार मार्च पास्ट किया। हर्ष फायर के साथ तिरंगे को सलामी दी गई।
समारोह की झलकियाँ:
- झांकियों का प्रदर्शन: विभिन्न विभागों द्वारा राज्य की कल्याणकारी योजनाओं और छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति पर आधारित मनमोहक झांकियां निकाली गईं। ‘राम-वन-गमन पथ’ और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ की थीम पर आधारित झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
- सत्कार और सम्मान: मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों, शिक्षकों और स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
- लोकतंत्र की मजबूती: अपने भाषण में सीएम साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप छत्तीसगढ़ को 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण में अग्रणी राज्य बनाना है। उन्होंने जोर दिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी भेदभाव के पहुँचना ही असली लोकतंत्र है।
निष्कर्ष: मुख्यमंत्री का बिलासपुर में ध्वजारोहण करना न्यायधानी के प्रति सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है। समारोह के अंत में स्कूली बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से ‘विविधता में एकता’ का संदेश दिया।


















