बिलासपुर के हवाई संपर्क को वैश्विक और राष्ट्रीय पटल पर मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। चकरभाठा एयरपोर्ट (बिलासा देवी केंवट हवाई अड्डा) के विस्तार की बाधाएं दूर होने के साथ ही अब इसके 4C श्रेणी में अपग्रेड होने का रास्ता साफ हो गया है। इस विस्तार का सीधा मतलब है कि अब बिलासपुर से केवल छोटे विमान (ATR-72) ही नहीं, बल्कि Airbus A320 और Boeing 737 जैसे बड़े विमान भी उड़ान भर सकेंगे।
विस्तार योजना के मुख्य बिंदु
हवाई अड्डे के विस्तार के लिए राज्य सरकार और केंद्र के बीच लंबे समय से चल रही सेना की जमीन (1000+ एकड़) के हस्तांतरण की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। योजना के तहत रनवे की लंबाई को वर्तमान से बढ़ाकर लगभग 2500 से 2800 मीटर तक किया जाएगा। इसके साथ ही, नाइट लैंडिंग फैसिलिटी और आधुनिक टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण भी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिससे रात में भी विमानों का आवागमन सुगम हो सके।
चकरभाठा एयरपोर्ट का विस्तार केवल यातायात की सुविधा नहीं, बल्कि बिलासपुर और उत्तर छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास का इंजन साबित होगा। बिलासपुर में SECL, NTPC और रेलवे जैसे बड़े सार्वजनिक उपक्रमों के मुख्यालय और कार्यालय हैं। हवाई सेवा के विस्तार से इन संस्थानों के अधिकारियों, व्यापारियों और उद्यमियों को दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे महानगरों के लिए सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
इसके अतिरिक्त, इस विस्तार से पर्यटन और चिकित्सा क्षेत्र को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। कान्हा-भोरमदेव और अमरकंटक जाने वाले पर्यटकों के लिए बिलासपुर एक प्रमुख केंद्र बनेगा। साथ ही, आपातकालीन चिकित्सा स्थितियों में बड़े विमानों के जरिए मरीजों को महानगरों तक पहुँचाना आसान होगा।
स्थानीय प्रशासन और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने सर्वे का काम लगभग पूरा कर लिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि बजट की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी और समय सीमा के भीतर इस कार्य को पूरा किया जाएगा। इस खबर से बिलासपुर के नागरिकों में भारी उत्साह है, क्योंकि वे लंबे समय से ‘फ्लाइट फॉर बिलासपुर’ अभियान के जरिए इस विस्तार की मांग कर रहे थे। अब वह दिन दूर नहीं जब न्यायधानी का आकाश बड़े विमानों की गर्जना से गूंजेगा।

















