केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को लोकसभा में “विकसित भारत–जी राम जी (Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission – Gramin) विधेयक 2025” पेश किया। इस विधेयक के तहत ग्रामीण परिवारों को हर वर्ष 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी देने का प्रावधान किया गया है।
बिल पेश करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गरीबों का कल्याण और गांवों का संपूर्ण विकास सरकार का संकल्प है। उन्होंने महात्मा गांधी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि बापू भी स्वावलंबी, विकसित और आत्मनिर्भर गांव की कल्पना करते थे, और यह विधेयक उसी सोच को आगे बढ़ाता है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस योजना के लिए सरकार ने 1 लाख 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया है और कुल मिलाकर 95 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह केवल कागजी गारंटी नहीं, बल्कि पूरी तरह वित्तपोषित और व्यवहारिक योजना है।
शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि इस बिल के माध्यम से पंचायतों का ग्रेडेशन किया जाएगा, ताकि जो पंचायतें विकास में पीछे हैं, उन्हें ज्यादा काम और संसाधन मिल सकें। इससे क्षेत्रीय असमानता को कम करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने मनरेगा का जिक्र करते हुए कहा कि जहां पहले 100 दिन की गारंटी थी, वहीं अब सरकार 125 दिन की रोजगार गारंटी दे रही है। साथ ही कृषि और मजदूरी के बीच संतुलन बनाकर किसानों और खेतिहर मजदूरों दोनों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
राम राज्य की अवधारणा पर बोलते हुए शिवराज सिंह ने कहा कि राम हमारे जीवन, संस्कृति और मूल्यों का आधार हैं और यह विधेयक सामाजिक न्याय, सम्मान और समावेशी विकास की भावना से प्रेरित है।
उन्होंने कहा कि यह बिल दिव्यांगों, महिलाओं, बुजुर्गों और अनुसूचित वर्गों को अतिरिक्त सुरक्षा देगा और गांवों के समग्र विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा।
















