मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ने प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने दीप्ति पांडे की पहल का हवाला देते हुए राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा – RUSA) के तहत की गई सामग्रियों की खरीद और किसानों को वितरित की जाने वाली फसल राहत राशि में कथित अनियमितताओं व धांधली की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग उठाई है।
पत्र में उठाए गए मुख्य बिंदु
पूर्व मुख्यमंत्री ने पत्र में रेखांकित किया कि शासकीय योजनाओं और किसानों के कल्याण के लिए आवंटित बजट का दुरुपयोग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
- रूसा (RUSA) खरीदी में गड़बड़ी: उच्च शिक्षा संस्थानों में रूसा मद से हुए उपकरणों, संसाधनों व अन्य सामग्रियों की खरीद प्रक्रिया में वित्तीय नियमों की अनदेखी और भ्रष्टाचार की शिकायतों को गंभीरता से लेने की बात कही गई है।
- किसान राहत राशि में हेरफेर: प्राकृतिक आपदा, ओलावृष्टि या अतिवृष्टि से प्रभावित अन्नदाताओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि के वितरण में हुई धांधली का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया कि वास्तविक पात्र किसानों तक पूरी राहत राशि नहीं पहुंच पा रही है।
- दीप्ति पांडे की पहल का समर्थन: सामाजिक व जनहित के मुद्दों पर लगातार आवाज उठा रहीं दीप्ति पांडे द्वारा इन अनियमितताओं को उजागर करने के प्रयासों को रेखांकित करते हुए कमलनाथ ने मामले में तुरंत संज्ञान लेने का आग्रह किया।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
कमलनाथ ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से अनुरोध किया है कि पूरे मामले की समयबद्ध और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, ताकि भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों व बिचौलियों की जवाबदेही तय हो सके और पीड़ित किसानों को उनका उचित हक मिल सके।
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