मध्य भारत में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा चेतावनी जारी करते हुए मध्य प्रदेश (MP), छत्तीसगढ़ (CG) और राजस्थान में आगामी दिनों के दौरान ‘रौद्र’ रूप दिखाने वाले मौसम का पूर्वानुमान जताया है। सक्रिय मानसूनी ट्रफ और कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) के प्रभाव से इन तीनों राज्यों के कई संभागों में मूसलाधार बारिश होने की गंभीर संभावना जताई गई है।
किन इलाकों में है सबसे बड़ा खतरा? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में बने मजबूत मौसमी सिस्टम के कारण बादलों की आवाजाही तेज हो गई है:
- मध्य प्रदेश: भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर-चंबल और मालवा-निमाड़ अंचल के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया गया है। बेतवा, नर्मदा और चंबल जैसी प्रमुख नदियों के जलस्तर में भारी वृद्धि की आशंका है।
- छत्तीसगढ़: बस्तर, रायपुर और बिलासपुर संभाग में आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) के साथ तेज बारिश की संभावना बनी हुई है।
- राजस्थान: पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के जिलों— जैसे कोटा, उदयपुर और बारां में अत्यधिक वर्षा के चलते निचले इलाकों में जलभराव का खतरा मंडरा रहा है।
प्रशासनिक स्तर पर अलर्ट और तैयारियां लगातार हो रही बारिश के चलते राज्य सरकारों और आपदा प्रबंधन दलों (SDRF/NDRF) को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जिला कलेक्टरों ने फील्ड अधिकारियों को बांध












