राजधानी भोपाल के प्रमुख उपनगर कोलार में व्यापारियों की समस्याओं और प्रशासनिक नीतियों को लेकर उपजा आक्रोश अब एक बड़े राजनीतिक और जन आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। हाल ही में हुए सफल ‘कोलार बंद’ के बाद कांग्रेस ने व्यापारियों के पक्ष में मजबूती से खड़े होने का ऐलान किया है। हुजूर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक जितेंद्र डागा के नेतृत्व में इस संघर्ष को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाने के लिए एक व्यापक आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि व्यापारियों के उत्पीड़न और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो यह लड़ाई केवल ज्ञापन सौंपने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट की चौखट तक लड़ी जाएगी।
व्यापारियों के हितों पर आंच नहीं आने देंगे: जितेंद्र डागा आंदोलन की रणनीति को लेकर आयोजित बैठक में पूर्व विधायक जितेंद्र डागा ने कहा कि कोलार क्षेत्र का व्यापारी वर्ग लंबे समय से बुनियादी समस्याओं, निर्माण कार्यों में देरी और प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा भुगत रहा है। व्यापार ठप होने के कगार पर पहुंच चुका है, लेकिन प्रशासन उनकी सुध लेने को तैयार नहीं है। डागा ने कहा, “व्यापारी शहर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। हम उनके अधिकारों के लिए हर स्तर पर मुकाबला करेंगे। जरूरत पड़ी तो हम न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और सड़कों पर उतरकर चक्काजाम करेंगे।”
आगामी आंदोलन की मुख्य रणनीतियां:
- चरणबद्ध विरोध प्रदर्शन: कोलार क्षेत्र के विभिन्न प्रमुख चौराहों पर जनजागरण अभियान और धरना-प्रदर्शन का आयोजन होगा।
- कानूनी लड़ाई का विकल्प: व्यापारियों के पक्ष में वरिष्ठ वकीलों का पैनल तैयार कर न्यायालय में मजबूत याचिका दायर करने की योजना।
- सर्वदलीय और सामाजिक समर्थन: आंदोलन को केवल राजनीतिक न रखकर स्थानीय रहवासी संगठनों और व्यापारी संघों को एकजुट किया जाएगा।
कोलार बंद के बाद कांग्रेस के इस आक्रामक रुख से स्थानीय प्रशासन और सत्ता पक्ष पर दबाव बढ़ गया है। भोपाल और मध्य प्रदेश की हर राजनीतिक हलचल और जमीनी हकीकत के सबसे प्रामाणिक अपडेट्स के लिए Authentic News के साथ बने रहें।












