मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में यातायात को सुगम और जाम-मुक्त बनाने की दिशा में एक और बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट जमीन पर उतर आया है। शहर के सबसे व्यस्ततम मार्गों में से एक ए.बी. रोड (AB Road) पर LIG Square Click to open side panel for more information से Navlakha Square Click to open side panel for more information के बीच प्रस्तावित 6.5 किलोमीटर लंबे ए.बी. रोड एलिवेटेड कॉरिडोर (Elevated Corridor) का निर्माण कार्य आधिकारिक रूप से शुरू हो गया है।
मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग (PWD) और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की देखरेख में शुरू हुए इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट से बीआरटीएस (BRTS) और आसपास के प्रमुख चौराहों पर लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं (Key Highlights)
- लंबाई एवं लागत: लगभग 6.5 किलोमीटर लंबे इस सिक्स-लेन एलिवेटेड फ्लाईओवर के निर्माण पर करीब ₹350 करोड़ से अधिक की लागत आएगी।
- प्रमुख चौराहे होंगे कवर: यह कॉरिडोर एलआईजी चौराहा, उद्योग नगर, पलासिया चौराहा, गीता भवन चौराहा और शिवाजी वाटिका होते हुए नवलखा चौराहे तक फैलेगा।
- समय-सीमा: कार्यदायी संस्था को इस मेगा प्रोजेक्ट को 24 से 30 महीने की समय-सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है।
ट्रैफिक डायवर्जन और पुलिस की अपील (Traffic Advisory)
निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही लोक निर्माण विभाग और इंदौर ट्रैफिक पुलिस द्वारा सड़कों पर सॉइल टेस्टिंग, यूटिलिटी शिफ्टिंग और बैरिकेडिंग का काम शुरू कर दिया गया है:
- लेन बंद और डायवर्जन: एलआईजी से पलासिया और पलासिया से नवलखा की ओर जाने वाले मुख्य कैरिजवे पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं, जिससे सर्विस रोड और बीआरटीएस के साइड लेन पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ा है।
- वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग: ट्रैफिक पुलिस ने देवास नाका और विजयनगर की तरफ से भंवरकुआं या नवलखा की ओर जाने वाले भारी वाहनों व कम्यूटरों को रिंग रोड (Ring Road) या बाईपास (Bypass) का उपयोग करने की सलाह दी है।
- सिग्नल फ्री ट्रैफिक: एलिवेटेड कॉरिडोर पूरा होने के बाद पलासिया और गीता भवन जैसे व्यस्त चौराहों पर रुकने वाले हजारों वाहनों को बिना सिग्नल के सीधे गुजरने की सुविधा मिलेगी।
शहर के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
इंदौर महापौर और स्थानीय विधायकों के अनुसार, पश्चिम-पूर्वी इंदौर को जोड़ने वाली इस प्रमुख धुरी पर प्रतिदिन 2 लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं। एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण से न केवल ईंधन और समय की बचत होगी, बल्कि शहर के प्रदूषण स्तर में भी बड़ी कमी आएगी।












