मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मानसून के प्रचंड रूप के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। पिछले 24 घंटों में रिकॉर्ड 7 इंच से अधिक (180 मिमी) बारिश दर्ज की गई, जो इस सीजन में एक दिन का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। मूसलाधार बारिश के चलते शहर के पुराने और नए इलाकों की 50 से अधिक कॉलोनियां जलमग्न हो गईं और कई घरों में 3 से 4 फीट तक पानी भर गया।
अतिवृष्टि और आपातकालीन स्थिति को देखते हुए भोपाल नगर निगम (BMC) की मेयर इन काउंसिल (MIC) की महत्वपूर्ण बैठक स्थगित कर दी गई है, क्योंकि पूरा निगम अमला और अधिकारी मैदान में जल निकासी एवं राहत कार्यों में जुटे हुए हैं।
बैरसिया मार्ग बंद और बांधों के खुले गेट
- भोपाल-बैरसिया मार्ग हुआ बंद: बाणगंगा नदी और नालों के उफान पर आने से भोपाल-बैरसिया मार्ग पर ईंटखेड़ी पुलिया के ऊपर से पानी बहने लगा, जिससे इस मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई।
- इन इलाकों में सबसे बुरा हाल: पुराने शहर के नादरा बस स्टैंड, सिंधी कॉलोनी, डीआईजी बंगला, छोला रोड, बाणगंगा, उड़िया बस्ती और नए भोपाल के कोलार, होशंगाबाद रोड, बावड़िया कलां और अरेरा कॉलोनी के निचले हिस्सों में भारी जलभराव हुआ।
- कलियासोत और भदभदा के गेट खुले: कलियासोत, केरवा और कोलार डैम में पानी का आवक तेजी से बढ़ा है, जिसके बाद बांधों के गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है।
देर रात मैदान में उतरे कलेक्टर प्रियंक मिश्रा
बाणगंगा और निचले इलाकों में जलभराव की शिकायतों के बाद कलेक्टर प्रियंक मिश्रा देर रात खुद अधिकारियों के साथ बाणगंगा की संकरी गलियों में पैदल निरीक्षण करने पहुँचे।
- उन्होंने अधिकारियों को तुरंत डी-वाटरिंग पंप लगाकर पानी निकालने और प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुँचाने के निर्देश दिए।
- नगर निगम प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों (जैसे उड़िया बस्ती) के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाकर भोजन के पैकेट बांटे गए।
स्कूलों में छुट्टी और प्रशासन अलर्ट पर
सुरक्षा के एहतियाती उपाय के रूप में भोपाल प्रशासन ने जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित कर दिया। मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों में भोपाल, सीहोर, विदिशा और रायसेन समेत आसपास के जिलों के लिए मध्यम से भारी बारिश का यलो/ऑरेंज अलर्ट बरकरार रखा है।












