झीलों की नगरी भोपाल में आवासीय कॉलोनियों और प्लॉटों का लैंड-यूज़ (भूमि उपयोग) बदलकर अवैध रूप से चलाए जा रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों (Commercial Establishments) के खिलाफ भोपाल नगर निगम (BMC) ने कड़ा शिकंजा कस दिया है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के निर्देशों और दिशा-निर्देशों के अनुपालन में नगर निगम की टीमों ने शहर के विभिन्न पॉश रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से संचालित दुकानों, शोरूमों, होटलों और परिसरों को सील (Seal) करने तथा अवैध निर्माणों को गिराने (Demolition) का बड़ा अभियान शुरू किया है।
इस कार्रवाई से व्यापारियों और अवैध व्यावसायिक परिसर संचालकों में हड़कंप मच गया है।
कौन-कौन से इलाके हैं सबसे ज्यादा प्रभावित?
नगर निगम के अतिक्रमण विरोधी दस्ते और जोन टीमों ने शहर की प्रमुख आवासीय कॉलोनियों में एक साथ कार्रवाई की:
- अरेरा कॉलोनी (Arera Colony)
- रोहित नगर (Rohit Nagar)
- बावड़िया कलां (Bawadiya Kalan)
- 10 नंबर मार्केट के समीपस्थ रिहायशी क्षेत्र
1,800 से अधिक नोटिस और सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख
- नोटिस की समय-सीमा समाप्त: बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, रिहायशी जमीनों पर बिना अनुमति कमर्शियल गतिविधियां चलाने वाले 1,800 से अधिक संपत्ति मालिकों को पूर्व में कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। तय समय-सीमा में वैध दस्तावेज न प्रस्तुत करने और व्यावसायिक गतिविधियां बंद न करने पर अब कानूनी रूप से सीलिंग व डिमोलिशन की कार्रवाई की जा रही है।
- सुप्रीम कोर्ट की निगरानी: सुप्रीम कोर्ट ने आवासीय क्षेत्रों में अवैध व्यावसायिक गतिविधियों और मास्टर प्लान के उल्लंघन को लेकर सख्त टिप्पणी करते हुए राज्य सरकार व बीएमसी को नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं।
व्यापारियों का विरोध और नगर निगम की दलील
- व्यापारियों का तर्क: ‘फेडरेशन ऑफ ट्रेडर्स’ और स्थानीय व्यापारी संगठनों का कहना है कि वे वर्षों से व्यावसायिक दरों पर बिजली बिल और संपत्ति कर (Property Tax) जमा कर रहे हैं। शहर में नया मास्टर प्लान न होने के कारण उनके पास कोई अन्य व्यावसायिक स्थान उपलब्ध नहीं है।
- बीएमसी एवं रहवासियों का पक्ष: नगर निगम अधिकारियों और रिहायशी कॉलोनियों के रहवासियों का कहना है कि आवासीय प्लॉटों पर अवैध कमर्शियल परिसरों के कारण ट्रैफिक जाम, पार्किंग की किल्लत, शोरगुल और सीवेज-ड्रेनेज पर अत्यधिक दबाव की समस्या पैदा हो गई थी, जिससे शांतिपूर्ण आवासीय माहौल प्रभावित हो रहा था।
बीएमसी ने स्पष्ट किया है कि जब तक नियमविरुद्ध बने व्यावसायिक ढांचे बंद नहीं होंगे, तब तक यह अभियान जारी रहेगा।












