मॉडल व अभिनेत्री त्विषा शर्मा (33) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के हाई-प्रोफाइल मामले में मुख्य आरोपी और मृतका की सास पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह ने जमानत के लिए अब मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (High Court) का दरवाजा खटखटाया है।
भोपाल स्थित विशेष सीबीआई/सत्र अदालत द्वारा नियमित जमानत याचिका खारिज किए जाने और न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) 11 अगस्त तक बढ़ाए जाने के बाद पूर्व जज ने अपने वकीलों के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।
⚖️ निचली अदालत ने क्यों खारिज की थी जमानत?
25 जुलाई को भोपाल की विशेष अदालत ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका खारिज करते हुए कई गंभीर टिप्पणियां की थीं:
- संस्थागत प्रभाव और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका: अदालत ने माना कि आरोपी पूर्व में भोपाल की प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रह चुकी हैं और वर्तमान में उपभोक्ता आयोग में पदस्थ थीं। उनकी प्रशासनिक व संस्थागत पहुंच के कारण गवाहों को डराने या सबूतों से छेड़छाड़ की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
- गंभीर चोटों के निशान: एम्स (AIIMS) दिल्ली की मेडिकल टीम और पीएम रिपोर्ट में मृतका त्विषा के शरीर पर फांसी के अलावा सिर व हाथों पर 6 से अधिक ‘एंटी-मॉर्टम’ (मौत से पहले लगी) चोटों के निशान पाए गए हैं।
- गंभीर धाराएं: मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2) (दहेज हत्या), 85 (क्रूरता) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज है, जो कि अत्यंत गंभीर श्रेणी का अपराध है।
📌 मामले का घटनाक्रम (Case Timeline):
- 12 मई 2026: भोपाल स्थित ससुराल में त्विषा शर्मा का शव संदिग्ध अवस्था में मिला।
- 15 मई 2026: भोपाल सत्र अदालत ने एफआईआर दर्ज होने के कुछ ही घंटों भीतर गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दे दी थी।
- 27 मई 2026: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत को यह कहते हुए रद्द (Quash) कर दिया था कि निचली अदालत ने बिना साक्ष्यों का परीक्षण किए जल्दबाजी में राहत दी।
- 25 मई 2026: मामले की गंभीरता और परिजनों के आरोपों को देखते हुए जांच सीबीआई (CBI) को सौंपी गई।
- वर्तमान स्थिति: पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनका बेटा समर्थ सिंह सीबीआई की जांच के तहत न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं।
हाई कोर्ट में अब क्या होंगे मुख्य तर्क?
गिरिबाला सिंह के बचाव पक्ष ने याचिका में अपनी ढलती उम्र, लगभग 100 वर्षीय वृद्ध मां की देखभाल और नियमित पेंशनभोगी होने का हवाला देते हुए दावा किया है कि उन पर लगाए गए दहेज उत्पीड़न के आरोप मनगढ़ंत हैं। वहीं, सीबीआई और त्विषा के पिता नवनिधि शर्मा की कानूनी टीम हाई कोर्ट में जमानत याचिका का कड़ा विरोध करने की तैयारी कर रही है।












