छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र): कहते हैं कि देवदूत किसी भी रूप में आ सकते हैं। ऐसा ही कुछ देखने को मिला छत्रपति संभाजीनगर (पूर्व में औरंगाबाद) के सेंट्रल बस स्टैंड पर, जहां महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) के एक बस कंडक्टर की सतर्कता और सूझबूझ ने एक महिला को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया।
बस स्टैंड पर अचानक दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ने से बेहोश होकर गिरी महिला को कंडक्टर ने बिना समय गंवाए तत्काल सीपीआर (CPR – कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) दिया, जिससे महिला की सांसें वापस लौट आईं। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग कंडक्टर की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
⏱️ जानिए कैसे बची महिला की जान (Incident Details):
- अचानक बस स्टैंड पर गिरीं महिला: प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक महिला यात्री बस स्टैंड के प्लेटफॉर्म पर अपनी बस का इंतजार कर रही थीं। तभी अचानक उनके सीने में तेज दर्द हुआ और वे गश खाकर जमीन पर गिर पड़ीं।
- धड़कनें थमने लगीं, कंडक्टर ने संभाला मोर्चा: वहां मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान ड्यूटी पर मौजूद MSRTC के कंडक्टर ने स्थिति की गंभीरता को तुरंत भांप लिया। महिला की नब्ज और सांसें थमती देख उन्होंने बिना देर किए महिला की छाती पर दबाव देना (Chest Compressions) और सीपीआर की प्रक्रिया शुरू की।
- लौट आई सांसें: लगातार 2 से 3 मिनट तक सही तरीके से सीपीआर देने के बाद महिला को होश आ गया और उनकी सांसें बहाल हो गईं।
अस्पताल में भर्ती, स्थिति खतरे से बाहर
महिला के होश में आते ही स्थानीय लोगों और बस स्टैंड स्टाफ की मदद से उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। डॉक्टरों का कहना है कि यदि महिला को समय पर सीपीआर न मिलता (First Golden Hour Response), तो उनकी जान बचाना बेहद मुश्किल हो सकता था। सही समय पर सही मेडिकल मदद मिलने से महिला की स्थिति अब पूरी तरह खतरे से बाहर बताई जा रही है।
🎥 सोशल मीडिया पर छाया वीडियो; एमएसआरटीसी प्रशासन करेगा सम्मानित
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद हर कोई कंडक्टर की त्वरित कार्रवाई और मेडिकल इमरजेंसी स्किल की सराहना कर रहा है। MSRTC (एसटी महामंडल) के वरिष्ठ अधिकारियों ने कंडक्टर के इस सराहनीय कार्य की सराहना की है और उन्हें विशेष रूप से सम्मानित करने का फैसला किया है।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आम नागरिकों को आपातकालीन स्थिति के लिए सीपीआर (CPR) का बुनियादी प्रशिक्षण दिया जाना कितना जरूरी है।












