संसद के मानसून सत्र के दौरान जंतर-मंतर से संसद भवन की ओर निकाले गए ‘चलो संसद’ (Chalo Sansad) मार्च के दौरान हुए भारी बवाल, पुलिस झड़प और पथराव की घटना को गृह मंत्रालय (MHA) ने बेहद गंभीरता से लिया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्र संगठनों द्वारा आयोजित इस मार्च को रोकने में हुई कथित ढिलाई और कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस से 24 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट (Detailed Report) तलब की है।
संसद भवन जैसे अति-सुरक्षित क्षेत्र (High-Security Zone) के इतने करीब सैकड़ों प्रदर्शनकारियों के पहुंचने और 50 से अधिक पुलिसकर्मियों के घायल होने की घटना के बाद दिल्ली पुलिस के सुरक्षा ब्लूप्रिंट पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
गृह मंत्रालय ने किन बिंदुओं पर मांगी रिपोर्ट?
सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर बिंदुवार स्पष्टीकरण मांगा है:
- इंटेलिजेंस इनपुट में चूक (Intelligence Failure): जब जंतर-मंतर पर ‘धारा 163’ (BNSS) लागू थी और मार्च की कोई अनुमति नहीं दी गई थी, तब इतनी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स तोड़ने और कनॉट प्लेस (रीगल सिनेमा) तक कैसे पहुंच गए?
- सुरक्षा घेरा और बल प्रयोग: प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए इस्तेमाल की गई रणनीति और पुलिस वाहनों पर हुए पथराव/फोड़फोड़ की घटनाओं का पूरा ब्यौरा।
- सोनम वांगचुक का मुद्दा: अनशन स्थल से सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल ले जाने के बाद भड़के जन-आक्रोश और उसके बाद उपजी स्थिति को संभालने में स्थानीय पुलिस की रणनीति की समीक्षा।
सुरक्षा पर सवाल: VVIP ज़ोन तक कैसे पहुंचे प्रदर्शनकारी?
विपक्षी दलों और सुरक्षा विशेषज्ञों ने भी दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि एक तरफ शांतिपूर्ण तरीके से अनशन कर रहे 60 वर्षीय पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को तो सुबह-सुबह तड़के भारी पुलिस बल भेजकर अस्पताल में भर्ती करा दिया जाता है, लेकिन दूसरी तरफ जब संसद मार्च निकाला गया, तो इंटेलिजेंस नेटवर्क पूरी तरह नाकाम रहा और सड़कों पर हिंसक स्थिति पैदा हो गई।
दिल्ली पुलिस का एक्शन: FIR दर्ज, CCTV खंगाल रही टीमें
गृह मंत्रालय का डंडा चलते ही दिल्ली पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है:
- अज्ञात उपद्रवियों पर FIR: दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस और आउटर सर्किल में हुई हिंसा, पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ और जवानों पर हमले को लेकर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 व अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।
- हाई अलर्ट पर लुटियंस दिल्ली: नई दिल्ली, सेंट्रल और साउथ-वेस्ट जिलों में पैरामिलिट्री फोर्सेज (CRPF, RAF) की अतिरिक्त कंपनियां तैनात कर दी गई हैं। संसद भवन जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर मल्टी-लेयर बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं।
गृह मंत्रालय की इस रिपोर्ट के बाद दिल्ली पुलिस के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही तय होना तय माना जा रहा है।












