मध्य पूर्व (Middle East) से इस वक्त वैश्विक शांति को हिला देने वाली सबसे बड़ी और खौफनाक खबर आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कुछ समय से चला आ रहा तनाव अब एक भीषण और सीधे सैन्य युद्ध (Open Conflict) में तब्दील हो चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर दोबारा लगाए गए सख्त नौसैनिक प्रतिबंधों (Naval Blockade) के बाद, दोनों देशों ने एक-दूसरे पर मिसाइलों और ड्रोन्स की झड़ी लगा दी है।
दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में कई तेल टैंकर मिसाइल और माइन धमाकों की चपेट में आकर धधक उठे हैं। वहीं, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) और अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों और कई शहरों को निशाना बनाते हुए भीषण बमबारी की है, जिसमें अमेरिकी सेना का अत्याधुनिक MQ-9 रीपर ड्रोन भी मार गिराया गया है।
होर्मुज में तेल टैंकरों पर हमला: प्रतिबंध तोड़ने पर अमेरिका ने दागीं ‘हेलफायर मिसाइलें’
इस भीषण टकराव की शुरुआत तब हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी नौसेना ने ईरानी बंदरगाहों की पूरी नाकेबंदी कर दी।
- टैंकरों पर मिसाइल दागकर किया बेकार: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक पुष्टि की है कि ईरान के मुख्य तेल निर्यात हब ‘खार्क द्वीप’ (Kharg Island) की ओर जा रहे M/T Belma नामक एक विशाल तेल टैंकर ने अमेरिकी चेतावनियों को नजरअंदाज किया, जिसके बाद अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने हेलफायर (Hellfire) मिसाइलें दागकर उसके स्मोकस्टैक (धुआं निकालने वाली चिमनी) को उड़ा दिया और उसे समुद्र में ही अपंग कर दिया।
- समुद्री बारूदी सुरंगों (Mines) के धमाके: दूसरी ओर, ईरानी स्टेट मीडिया (IRNA) के अनुसार, होर्मुज के मुहाने पर बिछाई गई समुद्री बारूदी सुरंगों की चपेट में आने से दो और बड़े तेल टैंकर भीषण धमाकों के साथ जल उठे हैं, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में कच्चे तेल की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है।
ईरान के कई शहरों पर अमेरिकी बमबारी; तेहरान और अहवाज़ दहल उठे
अमेरिकी सेना ने लगातार सातवीं रात ईरान के सैन्य बुनियादी ढांचे को नेस्तनाबूद करने के लिए बड़े हवाई हमले (Air Strikes) किए हैं:
- इन शहरों में हुए धमाके: ईरानी मीडिया के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान की राजधानी तेहरान, तटीय शहर बंदर अब्बास, अहवाज़, सिरीक और यज़्द में स्थित मिसाइल डिपो, क्रूज़ मिसाइल लॉन्च पैड्स, रडार सिस्टम और एयर डिफेंस सिस्टम्स पर भारी गोलाबारी की है।
- भारी जानमाल का नुकसान: इन हमलों में अब तक 35 से अधिक लोगों की मौत और 300 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है, जिसके बाद ईरान ने महायुद्ध की घोषणा कर दी है।
ईरान का भीषण पलटवार: कतर-ओमान में अमेरिकी बेस पर मिसाइलें दागीं, MQ-9 ड्रोन ध्वस्त
अमेरिका के इन ताबड़तोड़ हमलों से बौखलाए बिना ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एयरोस्पेस कमांडर मजीद मौसवी ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को भुगतने की खुली चेतावनी दी है:
- MQ-9 ड्रोन किया तबाह: ईरानी वायु रक्षा प्रणाली ने खाड़ी के ऊपर जासूसी कर रहे अमेरिका के सबसे महंगे और खतरनाक MQ-9 रीपर (Reaper) ड्रोन को सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल से हवा में ही चीर दिया।
- अमेरिकी मिलिट्री बेस पर अटैक: ईरान ने कतर (Qatar) में स्थित अमेरिकी हवाई ठिकाने, ओमान (Oman) में स्थित अमेरिकी रडार साइट्स और सीरिया में स्थित अल-तंफ (Al-Tanf) अमेरिकी मिलिट्री बेस पर एक साथ दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दी हैं। कतर ने दावा किया है कि उसने अपने एयर डिफेंस सिस्टम से कुछ मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया है।
क्रूड ऑयल और ग्लोबल मार्केट में कोहराम; ट्रंप बोले— “जल्द होगा फैसला”
इस जंग के कारण दुनिया का 20% तेल परिवहन करने वाला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह बंद हो चुका है, जिससे वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें अचानक आसमान छूने लगी हैं।
अमेरिकी सेना के वॉर कॉलेज में बोलते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद सख्त लहजे में कहा, “ईरान ने युद्धविराम (Ceasefire) की शर्तों को तोड़ा है, इसलिए हमने यह कड़ा एक्शन लिया है। हम इस जंग को या तो उनके आत्मसमर्पण के समझौते के साथ खत्म करेंगे या फिर उन्हें पूरी तरह से फिनिश (मटियामेट) कर देंगे।” संयुक्त राष्ट्र (UN) ने दोनों देशों से तुरंत युद्ध रोकने की अपील की है, लेकिन दोनों ओर से बरस रहे बारूद को देखकर लग रहा है कि यह जंग अब तीसरे विश्व युद्ध की आहट बन चुकी है।












