मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय सभागार में आयोजित ‘सफलता के मंत्र’ कार्यक्रम में शिरकत की। यह कार्यक्रम संघ लोक सेवा आयोग (UPSC-2025) की परीक्षा में चयनित मध्य प्रदेश के प्रतिभावान युवाओं के सम्मान में आयोजित किया गया था।
भोपाल: राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में चयनित मध्य प्रदेश के 61 अभ्यर्थियों का सम्मान किया। इस अवसर पर उन्होंने सफल युवाओं और उनके परिजनों को बधाई देते हुए भविष्य के प्रशासनिक दायित्वों के लिए शुभकामनाएं दीं।
प्रमुख कार्यक्रम विवरण:
- प्रतिभाओं का सम्मान: मुख्यमंत्री ने प्रदेश के उन 61 युवाओं को मंच पर सम्मानित किया जिन्होंने अपनी मेहनत से राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का मान बढ़ाया है। इनमें से दो अभ्यर्थियों ने देश के टॉप 10 में जगह बनाई है।
- पुस्तिका और डिजिटल विमोचन: इस मौके पर मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा विभाग द्वारा तैयार की गई ‘प्रतिभाओं का परचम’ पुस्तिका और उसके डिजिटल संस्करण का अनावरण किया। इसमें चयनित युवाओं की सफलता की कहानियाँ और उनके संघर्षों का विवरण दिया गया है।
- सफलता के मंत्र: सीएम ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि सफलता केवल एक पद हासिल करना नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रति बड़ी जिम्मेदारी लेकर आती है। उन्होंने युवाओं से “ठहराव को स्वीकार न करने” और निरंतर सीखने की अपील की।
विकसित भारत के शिल्पकार: मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, “आज जो युवा अधिकारी बन रहे हैं, वे 2047 के विकसित भारत के शिल्पकार होंगे। यह लोकतंत्र की ही खूबसूरती है कि छोटे-छोटे अंचलों और सरकारी स्कूलों से निकले बच्चे आज देश की सर्वोच्च सेवा में पहुँच रहे हैं।”
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
















