कोलकाता की भवानीपुर (Bhabanipur) विधानसभा सीट केवल एक निर्वाचन क्षेत्र नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल की राजनीति का ‘पावर सेंटर’ है। यह सीट मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का न केवल राजनीतिक गढ़ है, बल्कि उनका निवास स्थान (कालीघाट) भी इसी क्षेत्र में आता है।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में भवानीपुर वह सीट है जिसे ‘मिनी इंडिया’ कहा जाता है। यहाँ की जनसांख्यिकी (Demographics) इतनी विविध है कि यहाँ बंगाली, गुजराती, सिख, मारवाड़ी और बिहारी समुदाय के लोग एक साथ रहते हैं। लेकिन राजनीतिक रूप से इस सीट का मिजाज हमेशा से सत्ता के शीर्ष के करीब रहा है।
1. कांग्रेस का शुरुआती वर्चस्व (1952-1970 के दशक): आजादी के बाद भवानीपुर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का गढ़ था। 1952 में यहाँ से कांग्रेस की मीरा दत्ता गुप्ता पहली विधायक बनीं। इसके बाद 1957 में पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धार्थ शंकर राय ने यहाँ से जीत दर्ज की। हालांकि 1969 में सीपीआई (एम) के साधन गुप्ता ने यहाँ सेंध लगाई, लेकिन 1971 और 1972 में कांग्रेस ने फिर से वापसी की।
2. परिसीमन और सीट का गायब होना: एक दिलचस्प तथ्य यह है कि 1977 से 2009 के बीच भवानीपुर नाम का कोई विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र अस्तित्व में नहीं था। परिसीमन (Delimitation) के कारण यह हिस्सा गायब हो गया था। 2011 के विधानसभा चुनाव से पहले हुए नए परिसीमन में भवानीपुर सीट को फिर से बनाया गया।
3. ममता बनर्जी और टीएमसी का युग (2011-वर्तमान): 2011 में जब ममता बनर्जी ने 34 साल के वामपंथी शासन को उखाड़ फेंका, तब उन्होंने भवानीपुर को अपना राजनीतिक घर बनाया।
- 2011 (उपचुनाव): मुख्यमंत्री बनने के बाद ममता बनर्जी ने यहाँ से 54,000 से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
- 2016: उन्होंने कांग्रेस की दीपा दासमुंशी को हराकर अपनी पकड़ मजबूत की।
- 2021 का रोमांच: 2021 के मुख्य चुनाव में ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से चुनाव लड़ा (जहाँ वे हार गईं), लेकिन भवानीपुर से शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने टीएमसी के लिए सीट जीती। बाद में उन्होंने इस्तीफा दिया और ममता बनर्जी ने रिकॉर्ड 58,835 वोटों के अंतर से उपचुनाव जीतकर अपनी सत्ता बरकरार रखी।
क्यों है यह सीट खास? भवानीपुर को जीतना किसी भी दल के लिए प्रतिष्ठा की बात होती है। बीजेपी के लिए यह सीट हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। 2026 के आगामी चुनावों में भी यह सीट सबसे हाई-प्रोफाइल मुकाबला देखने वाली है, जहाँ ममता बनर्जी बनाम सुवेंदु अधिकारी की जंग (नंदीग्राम पार्ट-2) होने की संभावना है।
















