कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने विदेशों में काम करने वाले भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। अब उनके लिए पीएफ और पेंशन राशि को दूसरे देशों में ट्रांसफर करना पहले से कहीं ज्यादा आसान और पारदर्शी हो जाएगा। ईपीएफओ ने इसके लिए नए नियम और डिजिटल प्रक्रिया लागू की है।
किन देशों के कर्मचारियों को मिलेगा फायदा?
ईपीएफओ ने उन देशों के कर्मचारियों के लिए नियमों को लचीला बनाया है जिनके साथ भारत का सोशल सिक्योरिटी एग्रीमेंट (SSA) है। इसमें जर्मनी, जापान, फ्रांस, कोरिया, नॉर्वे और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश शामिल हैं। इन देशों में काम करने वाले कर्मचारी अब अपनी पीएफ राशि बिना अनावश्यक कागजी प्रक्रिया के आसानी से ट्रांसफर कर सकेंगे।
क्या बदला है नई प्रक्रिया में?
- UAN आधारित ऑटो ट्रांसफर — अब नौकरी बदलने पर खुद-ब-खुद पीएफ ट्रांसफर हो जाएगा।
- नियोक्ता की मंजूरी जरूरी नहीं — KYC पूरी होने पर बिना नियोक्ता के हस्ताक्षर के ट्रांसफर होगा।
- 7 से 20 कार्यदिवस में पूरी प्रक्रिया — डिजिटल सिस्टम से ट्रांसफर तेज़ और पारदर्शी हुआ।
- कागजी झंझट खत्म — अब सब कुछ ऑनलाइन पोर्टल के जरिए होगा।
कर्मचारियों को क्या करना होगा?
कर्मचारियों को अपना UAN एक्टिव और Aadhaar से लिंक रखना जरूरी है। साथ ही KYC अपडेट और बैंक खाता पोर्टल पर वेरिफाइड होना अनिवार्य है। यह सब पूरा होने पर पीएफ ट्रांसफर की प्रक्रिया स्वतः शुरू हो जाएगी।
















