मध्यप्रदेश के आगर-मालवा जिले के नलखेड़ा में स्थित मां बगलामुखी मंदिर आस्था और इतिहास का अद्भुत संगम है। यह मंदिर महाभारत काल से जुड़ा माना जाता है और देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मान्यता है कि इस पीठ पर पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान मां बगलामुखी की आराधना की थी और शत्रु विजय का आशीर्वाद प्राप्त किया था।
क्यों खास है यह मंदिर?
मां बगलामुखी को दस महाविद्याओं में से एक माना जाता है। इन्हें शत्रु नाशिनी और वाक् सिद्धि की देवी कहा जाता है। नलखेड़ा स्थित यह मंदिर देश के तीन प्रमुख बगलामुखी पीठों में से एक है। यहां मां की प्रतिमा पीले वस्त्रों में सुशोभित है और पूजन में पीले रंग का विशेष महत्व होता है।
क्या है मान्यता?
श्रद्धालुओं की मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। कोर्ट-कचहरी के मामलों, शत्रु भय और व्यापारिक बाधाओं से मुक्ति के लिए देशभर से भक्त यहां आते हैं। नवरात्रि के दौरान यहाँ लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।
कैसे पहुंचें?
नलखेड़ा इंदौर से लगभग 160 किलोमीटर और भोपाल से 190 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सड़क मार्ग से यहाँ आसानी से पहुंचा जा सकता है।

















