छतरपुर | मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से भ्रष्टाचार का एक शर्मनाक मामला सामने आया है। यहाँ केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत विस्थापित होने वाली एक महिला किसान को उसका मुआवजा दिलाने के बदले ₹50,000 की रिश्वत माँगने वाला पटवारी लोकायुक्त पुलिस के जाल में फँस गया।
कौन है आरोपी?
आरोपी पटवारी का नाम राहुल अग्रवाल है। सागर लोकायुक्त पुलिस की टीम को सूचना मिली थी कि यह पटवारी महिला को बार-बार परेशान कर रिश्वत माँग रहा है। इसके बाद टीम ने जाल बिछाया और कलेक्ट्रेट परिसर में ही राहुल अग्रवाल को ₹50,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों धर दबोचा।
क्या है पीड़िता का मामला?
किशनगढ़ क्षेत्र के नेगुवाँ गाँव की रहने वाली 43 वर्षीय शगुंती बाई सौर केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित हैं। उन्हें विस्थापन पैकेज के तहत लगभग ₹12.50 लाख का मुआवजा मिलना था। लेकिन पटवारी राहुल अग्रवाल इस रकम को जारी करने के एवज में उनसे रिश्वत माँग रहा था और लगातार दबाव बना रहा था। परेशान होकर शगुंती बाई ने लोकायुक्त से शिकायत की।
आरोपी का बयान
गिरफ्तारी के बाद पटवारी राहुल अग्रवाल ने आरोपों से इनकार किया। उसने कहा कि उसे झूठा फँसाया गया है और कलेक्ट्रेट परिसर की CCTV फुटेज जाँची जाए। हालाँकि लोकायुक्त टीम ने साफ कहा कि पूरी कार्रवाई सबूतों के आधार पर की गई है।
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि गरीब और विस्थापित लोगों के हक को भी भ्रष्ट अधिकारी अपनी कमाई का जरिया बना लेते हैं।

















