मध्यप्रदेश के सुसनेर विधानसभा क्षेत्र में एक बार फिर किसानों की पीड़ा सियासी मंच पर आ गई है। कांग्रेस विधायक भैरोंसिंह परिहार उर्फ बापू ने रविवार को खुलेआम चेतावनी दी कि अगर जिला प्रशासन ने किसानों और उपभोक्ताओं की लंबित समस्याओं पर जल्द ध्यान नहीं दिया, तो वे सड़क पर उतरने पर मजबूर होंगे और एक बड़ा जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
बिजली विभाग पर गंभीर आरोप
विधायक बापू ने इस मौके पर बिजली विभाग की कार्यशैली पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारी किसानों को फर्जी तरीके से अवैध उपभोक्ता घोषित कर रहे हैं, जबकि उनके कनेक्शन पूरी तरह वैध हैं। इसके अलावा बिजली के बिल इतने फुलाए जा रहे हैं कि आम किसान की कमर टूट रही है। उन्होंने मांग की कि बिजली बकाया जमा करने के लिए किसानों को कम से कम एक महीने की छूट दी जाए ताकि वे बिना दबाव के भुगतान कर सकें।
मुख्यमंत्री से सीधी अपील
बापू ने मुख्यमंत्री से भी सीधी अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को किसानों की दशा को समझना होगा। खेती पहले से ही घाटे का सौदा बन चुकी है, ऊपर से बिजली विभाग और प्रशासन की मनमानी ने उनका जीना दूभर कर दिया है। अगर मुख्यमंत्री ने तुरंत हस्तक्षेप नहीं किया, तो आंदोलन को रोकना किसी के बस में नहीं होगा।
किसानों में बढ़ रहा आक्रोश
सुसनेर क्षेत्र के किसान लंबे समय से MSP, फसल बीमा और सिंचाई जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं। विधायक के इस बयान के बाद इलाके में सियासी हलचल तेज हो गई है। स्थानीय किसानों का कहना है कि उनकी शिकायतें बार-बार दर्ज कराने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं होती। प्रशासन की चुप्पी ने उनके गुस्से को और भड़काया है।
BJP का पलटवार
भाजपा नेताओं ने विधायक बापू के बयान को चुनावी राजनीति करार दिया है। उनका कहना है कि कांग्रेस हमेशा किसानों के नाम पर राजनीति करती रही है लेकिन जब उनकी सरकार थी तब किसानों की स्थिति सबसे खराब थी। अब जनता इनके बहकावे में नहीं आएगी।
















