इंदौर/भोपाल, 6 मार्च 2026। रमजान का पाक महीना चल रहा है। घरों में इफ्तार की खुशबू है, अजान की आवाज है और इबादत का माहौल है। लेकिन इस बार मध्यप्रदेश की कुछ Gen-Z युवतियां इस पवित्र महीने को एक नए अंदाज में जी रही हैं — आस्था के साथ-साथ फिटनेस को भी प्राथमिकता देते हुए।
DAVV स्कूल ऑफ जर्नलिज्म की स्टूडेंट मेहविश सिद्दीकी का कहना है कि रमजान सिर्फ आध्यात्मिक नहीं बल्कि शारीरिक अनुशासन का भी महीना है। वे रोजे के दौरान भी अपना एक्सरसाइज रूटीन जारी रखती हैं। इफ्तार में वे तले-भुने खाने की जगह फल और प्रोटीन-रिच फूड लेती हैं।
Jagran Lakecity University, भोपाल की स्टूडेंट आयशा असद खान सेहरी के बाद नमाज पढ़ती हैं और इफ्तार में तलबीना (दूध की हल्की खीर) और चिया सीड्स वाला शरबत लेती हैं। इसके अलावा वे एक गर्म सूप का कटोरा भी पीती हैं, जो लंबे रोजे के बाद उन्हें एनर्जी देता है बिना पेट पर बोझ डाले।
इन युवतियों की कहानी उस बदलाव को दर्शाती है जहां ईमान और फिटनेस साथ-साथ चलते हैं। तले हुए पकवानों की जगह हाइड्रेशन, फल और संतुलित भोजन को चुनकर ये Gen-Z लड़कियां साबित कर रही हैं कि रमजान को स्वास्थ्यवर्धक और आध्यात्मिक दोनों तरह से जीया जा सकता है।
यह ट्रेंड सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है, जहां युवा #HealthyRoza और #FitRamzan जैसे हैशटैग के साथ अपनी दिनचर्या शेयर कर रहे हैं।















