सोने की कीमतों में चल रही भारी उथल-पुथल के बीच बाजार में यह सवाल तेजी से गूँज रहा है कि क्या सोना अपनी चमक खोने वाला है? 29 जनवरी 2026 को ₹1.92 लाख प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड शिखर को छूने के बाद, अब कीमतों में “महा-गिरावट” के संकेत मिल रहे हैं।
विशेषज्ञों और बाजार के आंकड़ों के अनुसार, सोने की कीमतों में गिरावट लाने वाले 3 प्रमुख संकेत ये हैं:
1. अमेरिका-रूस ‘सीक्रेट डील’ और डॉलर का दबदबा
बाजार में चर्चा है कि अमेरिका और रूस के बीच एक बड़ी आर्थिक डील हो सकती है। अगर रूस अपनी विदेशी व्यापारिक बस्तियों के लिए अमेरिकी डॉलर को फिर से प्राथमिकता देता है, तो डॉलर की मांग बढ़ेगी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की सुरक्षित निवेश (Safe Haven) वाली चमक फीकी पड़ जाएगी। मजबूत डॉलर हमेशा सोने की कीमतों पर दबाव डालता है।
2. केंद्रीय बैंकों की ओर से मुनाफावसूली
पिछले कुछ वर्षों में भारत (RBI), चीन और अन्य देशों के केंद्रीय बैंकों ने रिकॉर्ड मात्रा में सोना खरीदा था। अब संकेत मिल रहे हैं कि ये बैंक अपनी रणनीतिक होल्डिंग में कमी कर सकते हैं या नई खरीदारी रोक सकते हैं। सप्लाई बढ़ने और मांग घटने से कीमतों में भारी गिरावट (Market Crash) आ सकती है।
3. वैश्विक स्थिरता और ‘डेड कैट बाउंस’
कमोडिटी एक्सपर्ट्स (जैसे PACE 360 के अमित गोयल) का मानना है कि सोना अपना उच्चतम स्तर देख चुका है। अब जो भी थोड़ी-बहुत तेजी आ रही है, वह केवल एक ‘डेड कैट बाउंस’ (अस्थायी उछाल) है। उनका अनुमान है कि 2026 के अंत या 2027 तक कीमतें ₹1,00,000 के स्तर के नीचे भी गिर सकती हैं।
वर्तमान भाव की स्थिति (18 फरवरी 2026)
| शहर | 24K सोना (प्रति 10g) | स्थिति |
| इंदौर / भोपाल | ₹1,53,570 | सबसे ऊंचे स्तर पर |
| चंडीगढ़ | ₹1,53,410 | सबसे कम (प्रमुख शहरों में) |
| ऑल टाइम हाई | ₹1,92,000 | 29 जनवरी 2026 का भाव |
















