लोकसभा में बुधवार को ‘विकसित भारत–जी राम जी (VB-G-RAM-G)’ विधेयक ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। इस विधेयक के पारित होते ही सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह इस विधेयक के नाम और भावना का विरोध कर महात्मा गांधी का अपमान कर रहा है।
बिल पर चर्चा के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह विधेयक गरीबों, ग्रामीण मजदूरों और किसानों के जीवन में बदलाव लाने के उद्देश्य से लाया गया है। इसके तहत ग्रामीण परिवारों को हर साल 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी दी जाएगी। उन्होंने इसे केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि गांवों के संपूर्ण विकास की मजबूत नींव बताया।
कृषि मंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी राम राज्य की अवधारणा में विश्वास रखते थे और उनके अंतिम शब्द भी “हे राम” थे। ऐसे में ‘जी राम जी’ नाम पर आपत्ति करना गांधीजी के विचारों को नकारने जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष केवल राजनीतिक कारणों से इस विधेयक का विरोध कर रहा है, जबकि इसका सीधा लाभ देश के सबसे कमजोर वर्गों को मिलेगा।
विपक्षी दलों ने हालांकि इस विधेयक के नाम और कुछ प्रावधानों पर सवाल उठाए, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया कि यह योजना पूरी तरह वित्तपोषित और लागू करने योग्य है। सरकार का दावा है कि इस योजना पर लाखों करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
ध्वनि मत से बिल के पारित होने के बाद सत्ता पक्ष के सांसदों ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विधेयक आने वाले समय में ग्रामीण भारत की दिशा और राजनीति दोनों को प्रभावित कर सकता है।















