नई दिल्ली / तेहरान / वाशिंगटन / तेल अवीव। अमेरिका, ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने अब एक भयावह युद्ध का रूप ले लिया है। इस संघर्ष की आग अब केवल मध्यपूर्व तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसकी लपटें हजारों किलोमीटर दूर भारत तक पहुंच गई हैं। देश में LPG संकट गहराता जा रहा है और मुंबई के होटल-रेस्तरां संचालक अपने प्रतिष्ठान बंद करने की चेतावनी दे रहे हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि यह युद्ध जल्द समाप्त होगा, लेकिन ईरान ने उनके इस दावे को सिरे से नकार दिया है।
ताजा अपडेट — युद्ध की स्थिति
मध्यपूर्व में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच सैन्य टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा। ईरान ने इजराइल पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की झड़ी लगा दी है, जबकि इजराइल अमेरिकी समर्थन से जवाबी कार्रवाई कर रहा है। अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी में तैनात हैं। इस सैन्य तनाव के कारण समुद्री तेल और गैस आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
🇮🇳 भारत में LPG संकट — आम आदमी की रसोई पर संकट
इस युद्ध का सबसे सीधा असर भारत में रसोई गैस की आपूर्ति पर पड़ा है। भारत अपनी LPG जरूरतों का बड़ा हिस्सा मध्यपूर्व से आयात करता है और यह आपूर्ति होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आती है। जलडमरूमध्य पर बढ़ते सैन्य तनाव के कारण LPG टैंकरों की आवाजाही बाधित हो गई है। देश के कई राज्यों में घरेलू और व्यावसायिक दोनों तरह के LPG सिलेंडर की भारी किल्लत शुरू हो गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्थिति की समीक्षा शुरू की है लेकिन अभी तक कोई ठोस राहत नहीं मिली है।
मुंबई के होटल-रेस्तरां — बंद होने की कगार पर
मुंबई में LPG संकट सबसे गंभीर रूप में सामने आया है। शहर के होटल और रेस्तरां संचालकों ने चेतावनी दी है कि व्यावसायिक गैस सिलेंडर की उपलब्धता इतनी कम हो गई है कि कुछ ही दिनों में उनके लिए काम करना असंभव हो जाएगा। छोटे ढाबे और भोजनालय पहले ही आधा काम बंद कर चुके हैं। होटल एसोसिएशन ने महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार दोनों को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन ने कहा है कि अगर 48 घंटों में राहत नहीं मिली तो मुंबई के सैकड़ों रेस्तरां के शटर बंद हो जाएंगे।
🇺🇸 ट्रंप का बड़ा दावा — ‘युद्ध जल्द होगा खत्म’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि यह युद्ध बहुत जल्द समाप्त हो जाएगा। ट्रंप ने कहा कि वे स्थिति पर पूरी नजर रख रहे हैं और अमेरिका इस संघर्ष को जल्द से जल्द एक निर्णायक मोड़ पर लाने के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि युद्ध किस तरह और किन शर्तों पर समाप्त होगा। ट्रंप के इस बयान को अंतर्राष्ट्रीय विश्लेषकों ने अत्यधिक आशावादी और जमीनी हकीकत से परे बताया है।
🇮🇷 ईरान का करारा जवाब — ‘युद्ध हमारी शर्तों पर खत्म होगा’
ट्रंप के दावे पर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी सर्वोच्च नेता और सैन्य अधिकारियों ने साफ कहा है कि यह युद्ध अमेरिका की शर्तों पर नहीं बल्कि ईरान और उसके सहयोगियों की शर्तों पर समाप्त होगा। ईरान ने यह भी दोहराया कि जब तक इजराइल और अमेरिका क्षेत्र से अपनी सैन्य उपस्थिति नहीं हटाते, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की धमकी को भी फिर से दोहराया है।
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने सभी पक्षों से तत्काल युद्धविराम की अपील की है। रूस और चीन ने अमेरिका की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कूटनीतिक समाधान का आह्वान किया है। यूरोपीय संघ ने मानवीय संकट की आशंका जताते हुए राहत प्रयासों में सहयोग का आश्वासन दिया है। खाड़ी देशों में भी बेचैनी बढ़ रही है क्योंकि यह संघर्ष उनकी अर्थव्यवस्थाओं को भी सीधे प्रभावित कर रहा है।

















