महाराष्ट्र की राजनीति में अहम मानी जाने वाली उल्हासनगर महानगरपालिका (MNC) के चुनाव नतीजों ने रोमांचक तस्वीर पेश कर दी है। मतगणना के बाद सामने आए आंकड़ों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी (BJP) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि शिवसेना गठबंधन बहुमत से सिर्फ एक कदम आगे नजर आ रहा है।
सीटों का गणित क्या कहता है?
प्रारंभिक और अंतिम रुझानों के मुताबिक—
- भाजपा को सबसे ज्यादा सीटें मिली हैं, जिससे वह सिंगल लार्जेस्ट पार्टी बनी है।
- शिवसेना (उद्धव/शिंदे गुट) और सहयोगी दलों का गठबंधन मिलकर बहुमत के बेहद करीब या मामूली बढ़त में है।
- कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दल किंगमेकर की भूमिका में नजर आ सकते हैं।
🔹 किसके हाथ में जाएगी सत्ता?
हालांकि भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी है, लेकिन साफ बहुमत नहीं मिलने के कारण अब निगाहें—
- गठबंधन वार्ताओं,
- निर्दलीय पार्षदों के रुख,
- और शिवसेना गठबंधन की अंतिम संख्या पर टिकी हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगले 24–48 घंटे निर्णायक होंगे, जिसमें यह साफ होगा कि मेयर की कुर्सी किसके हिस्से जाएगी।
🔹 स्थानीय मुद्दों ने निभाई बड़ी भूमिका
इस चुनाव में—
- विकास कार्य,
- पानी-बिजली की समस्या,
- सड़क और स्वच्छता
जैसे स्थानीय मुद्दों ने मतदाताओं को प्रभावित किया।
यही वजह रही कि मुकाबला एकतरफा नहीं बल्कि बेहद करीबी रहा।
🔹 राजनीतिक हलचल तेज
नतीजों के बाद से ही—
- भाजपा खेमे में सरकार बनाने की कोशिशें,
- शिवसेना गठबंधन में रणनीतिक बैठकें
तेज हो गई हैं।
अब सबकी नजर इस पर है कि उल्हासनगर MNC की सत्ता पर अंतिम कब्जा कौन करता है।

















