छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पंडित धीरेंद्र शास्त्री के सरकारी विमान से आगमन को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस ने इसे सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग बताते हुए राज्य सरकार और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि भाजपा ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि एक कथावाचक या धार्मिक प्रवचनकर्ता को सरकारी विमान से लाना नियमों के खिलाफ है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि क्या आम जनता के टैक्स के पैसे से किसी धार्मिक कार्यक्रम के लिए वीआईपी सुविधाएं दी जानी चाहिए। पार्टी ने इसे “धर्म और सत्ता के गठजोड़” का उदाहरण बताते हुए जवाब मांगा है।
वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि पंडित धीरेंद्र शास्त्री का दौरा सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व का था और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत ही यात्रा की व्यवस्था की गई। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को राजनीतिक रंग दे रही है।
भाजपा प्रवक्ताओं ने यह भी कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब कई संत-महात्माओं और विशेष अतिथियों को सरकारी सुविधाएं दी जाती थीं, लेकिन तब कोई सवाल नहीं उठाया गया। भाजपा ने कांग्रेस पर “दोहरा मापदंड” अपनाने का आरोप लगाया है।
इस पूरे मामले ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि विवाद और गहराने की स्थिति में सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी पड़ सकती है।


















