राहुल गांधी भारत अमेरिका ट्रेड डील को लेकर मोदी सरकार पर जमकर बरसे। नेता प्रतिपक्ष ने सीधे शब्दों में कहा कि इस समझौते में भारत ज्यादा दे रहा है और बदले में बहुत कम पा रहा है। उन्होंने इसे देश का “शर्मनाक आत्मसमर्पण” करार दिया।
राहुल गांधी भारत अमेरिका ट्रेड डील विवाद क्या है?
भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में एक अंतरिम व्यापार समझौते पर सहमति बनी है। इस डील के तहत भारत ने अमेरिकी उत्पादों पर आयात शुल्क घटाकर शून्य कर दिया, जबकि अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर शुल्क 50% से घटाकर सिर्फ 18% किया है। इस असमान समझौते को लेकर विपक्ष में भारी रोष है।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी भारत अमेरिका ट्रेड डील पर संसद में बोलते हुए कहा —
“मोदी जी ऐसा समझौता क्यों मानेंगे जिसमें भारत इतना कुछ दे रहा और बदले में बहुत कम मिलता दिख रहा है? यह शर्मनाक आत्मसमर्पण है।”
राहुल गांधी ने इस डील को “डेटा कॉलोनी” की ओर बढ़ता कदम बताया और आरोप लगाया कि —
- भारत की डिजिटल संप्रभुता दांव पर लगाई जा रही है
- डेटा लोकलाइजेशन की अनिवार्यता हटाई गई है
- किसानों के हित से खुलेआम समझौता किया गया है
- ऊर्जा सुरक्षा पर भी अमेरिका को दखल का मौका दिया गया है
किसानों के हित से खुलेआम समझौता किया गया है। अधिक जानकारी के लिए देखें
किसानों को लेकर 5 बड़े सवाल
राहुल गांधी भारत अमेरिका ट्रेड डील के संदर्भ में प्रधानमंत्री से पांच तीखे सवाल पूछे —
- DDG आयात से क्या भारतीय मवेशियों को GM अमेरिकी चारा खिलाया जाएगा?
- GM सोया तेल आयात से महाराष्ट्र, MP और राजस्थान के किसानों का क्या होगा?
- दालों का बाजार भी धीरे-धीरे खुलेगा क्या?
- एक बार दरवाजा खुला तो इसे बंद कैसे होगा?
- क्या संसद और किसानों को डील की पूरी जानकारी दी गई?
सरकार का पलटवार
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने राहुल गांधी के सभी आरोपों को “बेबुनियाद” बताया —
“सभी संवेदनशील क्षेत्रों को सुरक्षित रखते हुए यह दोनों देशों के लिए बेहतरीन समझौता है।”
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं।
डील की तुलना — एक नजर में
| विषय | भारत | अमेरिका |
|---|---|---|
| आयात शुल्क | 0% | 18% (पहले 50%) |
| डेयरी क्षेत्र | संरक्षित | — |
| कृषि बाजार | आंशिक खुला | पूर्ण पहुंच |
| डिजिटल डेटा | विवादित | फायदे में |
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की आधिकारिक जानकारी के लिए देखें
आगे क्या होगा?
राहुल गांधी भारत अमेरिका ट्रेड डील विवाद को लेकर 9 जुलाई की अंतिम डेडलाइन तक औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर की तैयारी है। विशेषज्ञ मानते हैं यह मुद्दा संसद से सड़क तक और गहराएगा।
राहुल गांधी भारत अमेरिका ट्रेड डील पर जो सवाल उठा रहे हैं उसका जवाब मोदी सरकार को देश के सामने देना होगा — क्या यह डील राष्ट्रहित में है, या अमेरिकी दबाव में भारत ने बड़ी कीमत चुकाई?













