छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य की आधिकारिक भाषा ‘छत्तीसगढ़ी’ को बढ़ावा देने और आयोग के कार्यों को गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण नियुक्ति की है। प्रभात मिश्रा को छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। संस्कृति विभाग ने 5 फरवरी 2026 को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।
यहाँ इस नियुक्ति और आयोग के महत्व से जुड़ी पूरी जानकारी दी गई है:
| पद | छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष |
| नाम | श्री प्रभात मिश्रा |
| निवासी | टिकरापारा (नंदी चौक), रायपुर |
| नियुक्ति तिथि | 5 फरवरी 2026 |
| प्रकृति | अस्थायी (वर्तमान आदेशानुसार) |
| जारीकर्ता विभाग | संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन |
प्रभात मिश्रा को उनकी प्रशासनिक समझ और सामाजिक क्षेत्र में सक्रियता को देखते हुए यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आयोग के मुख्य उद्देश्य और चुनौतियां:
- छत्तीसगढ़ी भाषा का प्रचार-प्रसार: आयोग का प्राथमिक कार्य छत्तीसगढ़ी को दैनिक बोलचाल के साथ-साथ शासकीय कार्यों और साहित्य सृजन की मुख्य भाषा बनाना है।
- 8वीं अनुसूची में शामिल करने का लक्ष्य: नए अध्यक्ष के सामने सबसे बड़ी चुनौती छत्तीसगढ़ी भाषा को संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए केंद्र स्तर पर पैरवी करना और आवश्यक मानक तैयार करना होगा।
- विलय की समाप्ति के बाद नई शुरुआत: हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजभाषा आयोग को साहित्य परिषद से अलग कर इसका स्वतंत्र अस्तित्व बहाल किया है। ऐसे में प्रभात मिश्रा के नेतृत्व में आयोग को अपनी स्वतंत्र कार्ययोजना को धरातल पर उतारना होगा।
- साहित्यकारों को मंच: राज्य के स्थानीय साहित्यकारों, कवियों और शोधकर्ताओं को एक मजबूत मंच प्रदान करना और छत्तीसगढ़ी भाषा की पुस्तकों का प्रकाशन सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
मुख्यमंत्री ने इस नियुक्ति पर विश्वास जताया है कि प्रभात मिश्रा के नेतृत्व में राज्य की ‘गुरतुर’ (मीठी) भाषा को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जाएगा।


















