नई दिल्ली, 5 मार्च 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर भारत का शांतिदूत स्वर बुलंद किया। उन्होंने ईरान और यूक्रेन में जारी युद्धों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि —
“केवल सैन्य संघर्ष किसी भी समस्या का समाधान नहीं है।”
पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि बातचीत और कूटनीति ही किसी भी विवाद को सुलझाने का एकमात्र सही रास्ता है। उन्होंने दोनों देशों के बीच जारी संघर्षों पर गहरी चिंता जताई और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से शांति स्थापना के प्रयासों को तेज करने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि युद्ध से न केवल निर्दोष नागरिकों की जान जाती है, बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था भी प्रभावित होती है। भारत हमेशा से “वसुधैव कुटुंबकम” के सिद्धांत में विश्वास रखता है और किसी भी देश के आंतरिक संघर्ष में सैन्य हस्तक्षेप का विरोध करता है।
पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय आया है जब यूक्रेन-रूस युद्ध और ईरान संकट को लेकर पूरी दुनिया में तनाव चरम पर है। भारत इन दोनों मामलों में अब तक तटस्थ और संतुलित रवैया अपनाता रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम मोदी का यह बयान वैश्विक शांति प्रयासों में भारत की भूमिका को और मजबूत करता है तथा अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत की साख को नई ऊंचाई देता है।














