मध्यप्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में करीब 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे यह साफ हो गया है कि मध्यप्रदेश अब देश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। वर्ष भर में 14 करोड़ से अधिक पर्यटक प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर पहुंचे।
पर्यटन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इस उल्लेखनीय वृद्धि के पीछे बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत बुनियादी ढांचा, धार्मिक पर्यटन, वन्यजीव अभयारण्य और सांस्कृतिक आयोजनों की अहम भूमिका रही है। महाकाल लोक उज्जैन, खजुराहो, सांची, ओरछा, पचमढ़ी और कान्हा-बांधवगढ़ जैसे स्थलों ने पर्यटकों को खासा आकर्षित किया।
सरकार द्वारा होम-स्टे योजना, पर्यटन सुविधाओं का विस्तार, सड़क और एयर कनेक्टिविटी में सुधार तथा डिजिटल प्रचार-प्रसार ने भी पर्यटन को गति दी है। धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ एडवेंचर और इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिला है, जिससे युवाओं और परिवारों की संख्या में इजाफा हुआ।
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या से स्थानीय रोजगार, होटल उद्योग, हस्तशिल्प और परिवहन क्षेत्र को सीधा लाभ मिल रहा है। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
राज्य सरकार का कहना है कि आने वाले समय में नए पर्यटन सर्किट, अंतरराष्ट्रीय स्तर के इवेंट्स और निवेशकों को आकर्षित करने की योजनाएं तैयार की जा रही हैं, ताकि मध्यप्रदेश को देश ही नहीं बल्कि वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत स्थान दिलाया जा सके।

















