मध्य प्रदेश की पंचायतों में डिजिटल क्रांति का एक नया अध्याय शुरू हो गया है। केंद्र सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा विकसित ‘सभासार’ (SabhaSaar) एआई टूल अब ग्राम सभाओं और पंचायत बैठकों की कार्यवाही को डिजिटल रूप से दर्ज करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
भोपाल: ग्रामीण शासन को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में मध्य प्रदेश सरकार और केंद्र के पंचायती राज मंत्रालय ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश की हजारों ग्राम पंचायतों में होने वाली चर्चाओं का रिकॉर्ड रखने के लिए ‘सभासार’ (SabhaSaar) नामक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल का उपयोग किया जाएगा।
क्या है ‘सभासार’ और कैसे करेगा काम? ‘सभासार’ एक वॉयस-टू-टेक्स्ट (Voice-to-Text) एआई प्लेटफॉर्म है। जब भी ग्राम पंचायत या ग्राम सभा की बैठक होगी, अधिकारी अपने मोबाइल या रिकॉर्डिंग डिवाइस से पूरी चर्चा को रिकॉर्ड करेंगे। इस रिकॉर्डिंग को e-GramSwaraj पोर्टल पर अपलोड करते ही ‘सभासार’ उसे प्रोसेस करेगा और:
- पूरी बातचीत का लिखित सारांश तैयार कर देगा।
- बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णयों और प्रस्तावों को अलग से हाईलाइट करेगा।
- इसे आधिकारिक ‘मिनट्स ऑफ मीटिंग’ (MoM) के रूप में संरचित (Structure) कर देगा।
भाषिणी (Bhashini) से जुड़ाव और क्षेत्रीय भाषा का सपोर्ट: इस टूल की सबसे बड़ी खूबी इसकी बहुभाषी क्षमता है। यह भारत सरकार के ‘भाषिणी’ मिशन के साथ एकीकृत है, जिसका मतलब है कि यदि चर्चा बुंदेलखंडी, मालवी या किसी अन्य स्थानीय बोली मिश्रित हिंदी में भी होती है, तो यह उसे सटीक रूप से समझकर मानक हिंदी या अंग्रेजी में अनुवाद और सारांश तैयार कर सकता है।
पारदर्शिता और जवाबदेही: अब तक कई बार यह शिकायतें आती थीं कि बैठकों में लिए गए निर्णयों को लिखित रिकॉर्ड में बदल दिया जाता है या महत्वपूर्ण बिंदु छूट जाते हैं। एआई की एंट्री से अब हर चर्चा का डिजिटल और सटीक रिकॉर्ड उपलब्ध होगा, जिसे कोई भी ग्रामवासी बाद में देख सकेगा। इससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और पंचायत स्तर पर जवाबदेही तय होगी।
जनवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, देशभर की लगभग 1.11 लाख ग्राम पंचायतें इस टूल को अपना चुकी हैं और मध्य प्रदेश में अब इसे पूरी तीव्रता के साथ लागू किया जा रहा है।

















