मध्य प्रदेश में बिजली विभाग ने 5 साल से अधिक पुराने अस्थायी (Temporary) बिजली कनेक्शनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। विशेष रूप से भोपाल के भदभदा क्षेत्र की भावना परिसर जैसी कॉलोनियों में बिजली कंपनी ने नोटिस जारी कर दिए हैं।
यहाँ इस पूरे मामले और ’80 हजार रुपए’ के दावे का विस्तृत विवरण दिया गया है:
क्या है नया नियम और कार्रवाई?
बिजली कंपनी (मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी) के नियमों के अनुसार, अस्थायी कनेक्शन एक निश्चित अवधि (अधिकतम 5 वर्ष) के लिए ही दिए जाते हैं।
- समय सीमा: 5 साल पूरे होने के बाद अस्थायी कनेक्शन को बरकरार रखना नियमों का उल्लंघन माना जाता है।
- नोटिस: विभाग ने ऐसे उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए हैं जिनके अस्थायी कनेक्शन 2020 या उससे पहले के हैं।
- चेतावनी: यदि उपभोक्ता अपने कनेक्शन को स्थायी (Permanent) में परिवर्तित नहीं करवाते हैं, तो उनकी बिजली काट दी जाएगी और मीटर निकाल लिया जाएगा।
80 हजार रुपए का गणित: क्यों लग रहा है इतना पैसा?
उपभोक्ताओं में 80 हजार रुपए को लेकर काफी चिंता है। यह राशि कोई ‘जुर्माना’ नहीं है, बल्कि नया स्थायी कनेक्शन लेने का शुल्क है, जो निम्नलिखित कारणों से इतना अधिक हो रहा है:
- अधोसंरचना शुल्क (Infrastructure Charges): बिजली कंपनी परिसर तक लाइन पहुँचाने, खंभे गाड़ने और ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने का खर्च लेती है। वर्तमान टैरिफ के अनुसार, यह राशि लगभग ₹15,600 प्रति किलोवॉट तय है।
- लोड का गणित: यदि किसी घर का लोड 3 से 5 किलोवॉट है, तो केवल अधोसंरचना शुल्क ही ₹50,000 से ₹80,000 के बीच पहुँच जाता है।
- बिल्डर की लापरवाही: कई अवैध या अविकसित कॉलोनियों में बिल्डरों ने बिजली का बुनियादी ढांचा (Substation/Lines) तैयार नहीं किया। अब इसका पूरा आर्थिक बोझ सीधे उपभोक्ताओं पर आ गया है।
वर्तमान स्थिति और प्रभाव
- प्रभावित क्षेत्र: भोपाल में अकेले 30,000 से अधिक उपभोक्ता ऐसे हैं जो अस्थायी कनेक्शन पर हैं। पूरे मध्य प्रदेश में ऐसी अवैध/अविकसित कॉलोनियों की संख्या 7,900 से अधिक है।
- प्रक्रिया: स्थायी कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं को ‘सरल संयोजन पोर्टल’ या ‘उपाय ऐप’ (UPAY App) के माध्यम से आवेदन करना होगा।
नोट: बिजली कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि नियमानुसार अस्थायी बिजली, स्थायी की तुलना में 1.25 गुना महंगी होती है, इसलिए स्थायी कनेक्शन लेना लंबी अवधि में उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद है, हालांकि शुरुआती खर्च (Initial Cost) बहुत अधिक है।
















