मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार अपना तीसरा बजट पेश करने की तैयारी में है। सूत्रों और शुरुआती संकेतों के अनुसार, एमपी बजट 2026-27 का आकार पिछले वर्ष के ₹4.21 लाख करोड़ से लगभग 10% बढ़कर ₹4.63 लाख करोड़ से ₹4.80 लाख करोड़ के बीच हो सकता है। यह बजट ‘विकसित मध्य प्रदेश @2047’ के विजन को ध्यान में रखते हुए बनाया जा रहा है।
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के अनुसार, इस बजट की सबसे बड़ी विशेषता इसका ‘रोलिंग बजट’ (Rolling Budget) मॉडल होना है, जिससे एमपी ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा।
यहाँ बजट 2026-27 की संभावित रूपरेखा और मुख्य फोकस क्षेत्रों का विवरण दिया गया है:
| विवरण (Detail) | अनुमानित आंकड़े (Projected Figures) |
| कुल बजट आकार | ₹4.63 लाख करोड़ से ₹4.80 लाख करोड़ |
| विकास दर (GSDP Growth) | 13% (अनुमानित) |
| बजट सत्र की शुरुआत | 16 फरवरी 2026 |
| प्रमुख नवाचार | 3 साल का रोलिंग बजट (2026-27 से 2028-29) |
इस बार का बजट केवल सरकारी खर्च का दस्तावेज नहीं, बल्कि जनभागीदारी का परिणाम होगा। सरकार ने बजट बनाने के लिए जनता से करीब 950 सुझाव प्राप्त किए हैं।
बजट के 4 मुख्य स्तंभ (GYAN):
- G (Garib – गरीब): प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी) के लिए अतिरिक्त आवंटन और बीपीएल परिवारों के लिए नए कल्याणकारी कदम।
- Y (Yuva – युवा): ‘स्किल सेल’ की स्थापना और युवाओं के लिए नए रोजगार मेलों व स्टार्टअप सब्सिडी पर जोर।
- A (Annadata – किसान): वर्ष 2026 को सरकार ने ‘कृषि कल्याण वर्ष’ घोषित किया है। सिंचाई परियोजनाओं, खाद सब्सिडी और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि बजट में 50% से 100% तक की भारी बढ़ोतरी संभव है।
- N (Nari – नारी): ‘लाड़ली बहना योजना’ का निरंतर संचालन और महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) के लिए ‘SHE-मार्ट’ जैसे रिटेल आउटलेट्स की घोषणा। हर जिले में महिलाओं के लिए सुरक्षित हॉस्टल बनाने का प्रावधान।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और पर्यटन: सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के लिए ₹20,000 करोड़ के विशेष पैकेज की मांग और ग्वालियर, जबलपुर जैसे शहरों को टियर-2/3 शहरों के रूप में विकसित करने के लिए बड़ी राशि आवंटित की जा सकती है। धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन केंद्रों के कायाकल्प के लिए भी विशेष बजट प्रावधान होगा।
















