गर्मी का मौसम शुरू होते ही पानी की किल्लत एक बड़ी समस्या बन जाती है। इसी को देखते हुए मुरैना जिला प्रशासन ने एक अहम कदम उठाया है। जिले में पेयजल संकट से निपटने के लिए 24 घंटे और सातों दिन चलने वाला कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां नागरिक अपनी पानी से जुड़ी समस्याएं सीधे दर्ज करा सकते हैं।
क्यों पड़ी कंट्रोल रूम की जरूरत
मुरैना जिले में हर साल गर्मी के मौसम में पेयजल की भारी किल्लत देखने को मिलती है। नल सूख जाते हैं, टैंकरों की मांग बढ़ जाती है और ग्रामीण इलाकों में हालात और भी गंभीर हो जाते हैं। लोगों की परेशानियों को देखते हुए प्रशासन ने इस बार पहले से ही तैयारी करने का फैसला किया और 24×7 कंट्रोल रूम की स्थापना की।
कैसे काम करेगा कंट्रोल रूम
इस कंट्रोल रूम में प्रशिक्षित कर्मचारी चौबीसों घंटे तैनात रहेंगे। जिले का कोई भी नागरिक पानी की समस्या होने पर सीधे कंट्रोल रूम में संपर्क कर सकता है। शिकायत दर्ज होते ही संबंधित विभाग को तुरंत सूचित किया जाएगा और समस्या का जल्द से जल्द समाधान निकाला जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी नागरिक गर्मी में पानी के लिए भटकने पर मजबूर न हो।
अधिकारियों ने दिए सख्त निर्देश
जिला प्रशासन ने जल वितरण से जुड़े सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि पानी की सप्लाई में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। टैंकर व्यवस्था को भी दुरुस्त रखने के आदेश दिए गए हैं ताकि जरूरतमंद इलाकों में समय पर पानी पहुंचाया जा सके।
ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों पर फोकस
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कंट्रोल रूम केवल शहरी क्षेत्रों के लिए नहीं, बल्कि जिले के ग्रामीण इलाकों की समस्याओं का भी समाधान करेगा। दूरदराज के गांवों से आने वाली शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा।
नागरिकों ने किया स्वागत
प्रशासन के इस कदम का जिले के नागरिकों ने स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि हर साल गर्मियों में पानी के लिए बहुत परेशान होना पड़ता था, लेकिन इस बार कंट्रोल रूम की सुविधा से काफी राहत मिलने की उम्मीद है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन की यह पहल जमीन पर कितनी कारगर साबित होती है।

















