राजधानी भोपाल स्थित विधानसभा भवन के प्रांगण में आयोजित समारोह में प्रमुख सचिव ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के पश्चात राष्ट्रगान की गूंज के साथ तिरंगे को सलामी दी गई।
| गतिविधि | विवरण |
| ध्वजारोहण | प्रमुख सचिव द्वारा विधानसभा के मुख्य गुंबद के नीचे ससम्मान झंडा फहराया गया। |
| परेड की सलामी | विधानसभा के सुरक्षा बल (मार्शल और सुरक्षा प्रहरी) की टुकड़ी ने शानदार मार्च पास्ट कर सलामी दी। |
| उपस्थिति | विधानसभा सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी, अनुभाग अधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे। |
| संबोधन | प्रमुख सचिव ने बाबा साहब अंबेडकर और संविधान निर्माताओं के योगदान को याद किया। |
ध्वजारोहण के पश्चात अपने संक्षिप्त संबोधन में प्रमुख सचिव ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर है और यहाँ कार्यरत हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह संवैधानिक मूल्यों के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखे।
कार्यक्रम की मुख्य बातें:
- अनुशासन और सेवा: प्रमुख सचिव ने विधानसभा सचिवालय के कर्मचारियों की कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। उन्होंने जोर दिया कि संसदीय कार्यप्रणाली को सुचारू और पारदर्शी बनाना ही लोकतंत्र की सच्ची सेवा है।
- मिठाई वितरण: समारोह के अंत में सचिवालय के कर्मचारियों और उनके परिजनों के बीच मिठाई वितरित की गई। सुरक्षा गार्डों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को विशेष रूप से सम्मानित और प्रोत्साहित किया गया।
- सजावट: गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में पूरी विधानसभा को आकर्षक रोशनी से सजाया गया था। सफेद पत्थरों से बना यह भव्य भवन तिरंगे की रोशनी में नहाया हुआ नजर आ रहा था।
निष्कर्ष: विधानसभा में आयोजित यह समारोह केवल एक रस्म नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने के संकल्प का प्रतीक रहा। प्रमुख सचिव ने परेड का निरीक्षण करते हुए सुरक्षा व्यवस्था और सचिवालय की गरिमा को बरकरार रखने के निर्देश भी दिए।

















