देशभर के करोड़ों मज़दूरों के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव सामने आया है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मज़दूरी भुगतान को लेकर सख्त नियमों की घोषणा करते हुए कहा है कि अब मज़दूरों को उनकी मज़दूरी एक सप्ताह के भीतर देना अनिवार्य होगा।
शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि यदि किसी कारणवश मज़दूरी का भुगतान 15 दिनों के भीतर नहीं किया जाता, तो संबंधित मज़दूर को 0.05 प्रतिशत अतिरिक्त मज़दूरी ब्याज के रूप में दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पहले भुगतान में देरी होने पर मज़दूरों को किसी तरह का मुआवजा नहीं मिलता था, लेकिन अब देरी करने वालों को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह निर्णय मज़दूरों की आर्थिक सुरक्षा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। मज़दूरी में देरी से सबसे ज्यादा असर गरीब, असंगठित और ग्रामीण श्रमिकों पर पड़ता है, इसलिए सरकार ने इसे सख्ती से लागू करने का फैसला किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह नियम सिर्फ कागज़ी नहीं रहेगा, बल्कि इसके कड़ाई से पालन के निर्देश दिए गए हैं। इससे न सिर्फ मज़दूरों को समय पर भुगतान मिलेगा, बल्कि ठेकेदारों और नियोक्ताओं में भी जवाबदेही तय होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से मज़दूर वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी और समय पर भुगतान न होने की वर्षों पुरानी समस्या पर प्रभावी रोक लगेगी।
















