छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक हृदयविदारक खबर आ रही है। 5 फरवरी 2026 को खरसिया पुलिस स्टेशन क्षेत्र के बानीपाथर गांव में स्थित मंगल कार्बन प्लांट में एक भीषण विस्फोट हुआ। टायर गलाने की प्रक्रिया के दौरान हुए इस ब्लास्ट में 8 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिनमें एक मासूम बच्चा भी शामिल है।
यहाँ घटना का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति दी गई है:
घटना का विवरण: धमाका और अफरा-तफरी
यह हादसा गुरुवार सुबह करीब 11 बजे हुआ, जब फैक्ट्री में पुराने टायरों को पिघलाकर कार्बन और तेल निकालने का काम चल रहा था।
| विवरण | जानकारी (Details) |
| प्लांट का नाम | मंगल कार्बन प्लांट (Mangal Carbon Plant) |
| स्थान | बानीपाथर गांव, खरसिया, रायगढ़ (छत्तीसगढ़) |
| समय | सुबह लगभग 11:00 बजे (5 फरवरी 2026) |
| घायल | 8 लोग (7 मजदूर और एक 8-9 महीने की मासूम बच्ची) |
| कारण | टायर गलाने वाले ब्लाडर को खोलते समय गैस प्रेशर से विस्फोट |
विस्फोट इतना जोरदार था कि वहां काम कर रहे मजदूर आग और खौलती गैस की सीधी चपेट में आ गए।
ताज़ा अपडेट:
- गंभीर रूप से घायल: डॉक्टरों के अनुसार, अधिकांश मजदूर 70 से 80 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं। उनकी स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है।
- बच्ची की स्थिति: झुलसने वालों में एक 8 महीने की मासूम बच्ची (भूमि) भी शामिल है, जो शायद किसी मजदूर की संतान है। बच्ची की हालत भी चिंताजनक बताई जा रही है।
- अस्पताल में भर्ती: घायलों को तुरंत रायगढ़ जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिंदल फोर्टिस अस्पताल (Jindal Fortis Hospital) रेफर कर दिया गया है।
- घायलों के नाम: अब तक मिली जानकारी के अनुसार घायलों में इंद्रजीत खड़िया, साहेब राम, शिव, इंद्रवद, प्रिया और उनकी बेटी भूमि शामिल हैं।
जांच और लापरवाही का मामला: प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि प्लांट में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी। मजदूरों को उच्च तापमान पर काम करने के लिए आवश्यक प्रोटेक्टिव गियर (सुरक्षा उपकरण) नहीं दिए गए थे। पुलिस, फोरेंसिक टीम और श्रम विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुँचकर जांच शुरू कर दी है। यह भी जांच की जा रही है कि एक औद्योगिक इकाई के संवेदनशील क्षेत्र में मासूम बच्ची कैसे मौजूद थी।
















