केदारनाथ यात्रा 2026 के लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) ने सुरक्षा और खराब मौसम की चुनौतियों को देखते हुए हेली सेवाओं में महत्वपूर्ण कटौती का निर्णय लिया है। डीजीसीए (DGCA) के कड़े दिशा-निर्देशों के बाद यह कदम उठाया गया है ताकि हवाई मार्ग पर दबाव कम किया जा सके और दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
यहाँ इस बदलाव से जुड़ी प्रमुख जानकारी दी गई है:
| विवरण | जानकारी (Details) |
| कुल कटौती | हेलीकॉप्टर शटल सेवाओं में 30% की कमी। |
| दैनिक उड़ानों की सीमा | प्रतिदिन उड़ानों की संख्या 260 से घटाकर 184 कर दी गई है। |
| यात्री क्षमता में कमी | प्रतिदिन यात्रियों की संख्या 1,467 से घटाकर 1,012 की गई है। |
| मुख्य कारण | केदार घाटी में खराब मौसम, दृश्यता की कमी और सुरक्षा प्रोटोकॉल। |
पिछले वर्षों में हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बदलते मौसम को देखते हुए प्रशासन अब ‘सुरक्षा पहले’ की नीति पर काम कर रहा है।
प्रमुख बदलाव और दिशा-निर्देश:
- उड़ानों पर प्रतिबंध: अचानक मौसम खराब होने या कोहरा छाने पर हेलीकॉप्टर उड़ानों पर तुरंत रोक लगा दी जाएगी। अब हेलीकॉप्टर केवल सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच ही उड़ान भर सकेंगे।
- किराये में स्थिति: हालांकि उड़ानों की संख्या घटाई गई है, लेकिन यात्रियों के लिए राहत की बात यह है कि किराये में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। गुप्तकाशी से केदारनाथ का किराया ₹12,444, फाटा से ₹8,842 और सिरसी से ₹8,839 (आने-जाने का) तय किया गया है।
- सुरक्षा तकनीक: सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में नए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावर और 30 से अधिक PTZ कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे सहस्रधारा से केदारनाथ तक के रूट की पल-पल की निगरानी करेंगे।
- वैकल्पिक मार्ग: हेलीकॉप्टर सेवाओं में 30% की कटौती के कारण सड़क मार्ग और पैदल मार्ग पर यात्रियों का दबाव बढ़ने की संभावना है। प्रशासन यात्रियों को सलाह दे रहा है कि वे मौसम का पूर्वानुमान देखकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं और गर्म कपड़े साथ रखें।


















