इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित और मल-मूत्रयुक्त पानी पीने से हुई 24 लोगों की मौत के मामले ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इंदौर दौरे के बाद कांग्रेस ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी 850 किलोमीटर की दूरी तय कर दिल्ली से इंदौर पहुंचे, ताकि वे पीड़ित परिवारों के दुख में सहभागी बन सकें। इसके विपरीत, इंदौर से केवल 190 किलोमीटर दूर भोपाल में बैठी राज्य सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री मोहन यादव अब तक भागीरथपुरा जाकर शोकाकुल परिवारों से नहीं मिले।
कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, जिनका इंदौर से भावनात्मक और राजनीतिक रिश्ता बताया जाता रहा है, अब तक इस त्रासदी पर सार्वजनिक रूप से संवेदना तक क्यों नहीं जता पाए।
कांग्रेस का आरोप है कि जिन भ्रष्टाचारियों और कमीशनखोरों की लापरवाही से यह हादसा हुआ, उनके डर के कारण भाजपा के बड़े नेता इंदौर आने से बच रहे हैं।
एक और गंभीर मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस ने कहा कि पीड़ित परिवारों को दी गई आर्थिक सहायता यदि रेडक्रॉस फंड से दी गई है, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। सवाल किया गया कि राज्य सरकार अपने बजट से पीड़ितों को कब उचित मुआवजा देगी।
इसके साथ ही कांग्रेस ने मांग की कि जैसे भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों की स्मृति में स्मारक बनाने की घोषणा की गई है, वैसे ही भागीरथपुरा में भी दूषित पानी से मरे लोगों की याद में स्मारक बनाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं।

















