इंदौर के प्रसिद्ध बड़ा गणपति मंदिर के पास पीलियाखाल क्षेत्र में 16 मकानों को ढहाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। यह कार्रवाई इंदौर मेट्रो के भूमिगत (Underground) स्टेशन निर्माण के मार्ग में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए की जा रही है।
आज 16 फरवरी 2026 की ताजा अपडेट्स के अनुसार, इस मामले में विस्थापन और मुआवजे को लेकर पेंच फंसा हुआ है:
कार्रवाई का मुख्य कारण
मुआवजा: मेट्रो प्रबंधन ने विस्थापित होने वाले परिवारों के लिए जिला प्रशासन के पास ₹1.29 करोड़ की राशि जमा कर दी है। यह पहली बार है जब शहर में इस तरह के विस्थापन के लिए मेट्रो द्वारा मुआवजा दिया जा रहा है (एडीबी लोन की शर्तों के कारण)।
प्रोजेक्ट: इंदौर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के तहत बड़ा गणपति पर बनने वाला अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन।
बाधा: पीलियाखाल क्षेत्र में स्थित 16 मकान मेट्रो स्टेशन की साइट और खुदाई के दायरे में आ रहे हैं।
रहवासियों की मांग और विवाद
हालांकि प्रशासन और मेट्रो प्रबंधन इन घरों को अगले सप्ताह हटाने की तैयारी में है, लेकिन स्थानीय निवासी विरोध कर रहे हैं:
- मकान बनाम परिवार: कागजों में मकानों की संख्या 16 है, लेकिन रहवासियों का दावा है कि वहां 28 परिवार रहते हैं। उनकी मांग है कि हर परिवार को अलग फ्लैट दिया जाए।
- स्थान का विरोध: प्रशासन उन्हें रंगवासा स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना के फ्लैटों में शिफ्ट करना चाहता है। रहवासियों का कहना है कि रंगवासा बहुत दूर है, जिससे उनके बच्चों की पढ़ाई (RTE के तहत पास के स्कूलों में) और उनका रोजगार प्रभावित होगा।
- पट्टे का दावा: निवासियों के अनुसार उनके पास राजीव गांधी आश्रय मिशन के तहत वैध पट्टे हैं, इसलिए उन्हें अतिक्रमणकारी न माना जाए।
आगे क्या होगा?
- बैठक: कलेक्टर की अध्यक्षता में आगामी दिनों में एक निर्णायक बैठक होनी है, जिसमें परिवारों की संख्या और उनके विस्थापन स्थल पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
- विकल्प: प्रशासन ने दो विकल्प दिए हैं—या तो रंगवासा में फ्लैट लें या फिर मकान के निर्माण की लागत (Construction Cost) की नकद राशि लें।

















