संसद के बजट सत्र 2026 के दौरान INDIA गठबंधन के फ्लोर लीडर्स की यह बैठक भारतीय राजनीति और संसदीय कार्यवाही के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है। 10 फरवरी 2026 को राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यालय में हुई इस बैठक में विपक्ष ने सरकार को विभिन्न मोर्चों पर घेरने की एक ठोस साझा रणनीति तैयार की है।
यहाँ बैठक के प्रमुख चर्चा बिंदु और विपक्षी गठबंधन के मुख्य एजेंडे दिए गए हैं:
| मुद्दा | विपक्ष का रुख और मांग |
| भारत-अमेरिका ट्रेड डील | विपक्ष का आरोप है कि इस डील से भारतीय किसानों और डेयरी क्षेत्र को नुकसान होगा। चर्चा के लिए ‘स्थगन प्रस्ताव’ (Adjournment Motion) दिया गया। |
| नेताओं को बोलने की अनुमति | राहुल गांधी ने दावा किया कि उन्हें सदन में बोलने के अपने अधिकार से वंचित किया जा रहा है, जबकि स्पीकर ने पहले वादा किया था। |
| बजट 2026-27 | विपक्ष ने बजट को ‘नारे ज्यादा, समाधान कम’ करार दिया है और हाशिए पर खड़े समुदायों की अनदेखी का आरोप लगाया है। |
| सांसदों का निलंबन | लोकसभा से निलंबित 8 विपक्षी सांसदों के मुद्दे पर एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय। |
इस बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के साथ समाजवादी पार्टी, DMK, शिवसेना (UBT), और वामपंथी दलों के प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया।
प्रमुख रणनीतिक बिंदु:
- लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास: विपक्षी दल लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ ‘अविश्वास प्रस्ताव’ लाने की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि सदन का संचालन निष्पक्ष तरीके से नहीं हो रहा है और विपक्षी आवाज को दबाया जा रहा है।
- राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा: राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे के संस्मरणों (Memoirs) का हवाला देते हुए 2020 के चीन सीमा विवाद पर चर्चा की मांग की है, जिसे सरकार द्वारा ‘अनुमति नहीं’ दी जा रही है।
- ट्रेड डील पर स्पष्टीकरण: विपक्ष ने मांग की है कि वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल द्वारा दी गई जानकारी पर्याप्त नहीं है और सरकार को इस डील के उन गुप्त क्लॉज (Clauses) को सार्वजनिक करना चाहिए जिनसे भविष्य में कृषि उत्पादों पर शून्य टैरिफ (Zero Tariff) लगने की बात कही जा रही है।
- बजट पर संयुक्त हमला: गठबंधन ने तय किया है कि बजट पर चर्चा के दौरान सभी दल समन्वित तरीके से बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की एमएसपी (MSP) गारंटी के मुद्दों को पुरजोर तरीके से उठाएंगे।
मल्लिकार्जुन खरगे ने बैठक के बाद स्पष्ट किया:
“सदन की गरिमा तभी बनी रहती है जब विपक्ष को अपनी बात रखने का मौका मिले। हम जनता से जुड़े मुद्दों पर पीछे नहीं हटेंगे।
















