नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही कीमती धातुओं के बाजार में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। जनवरी महीने में ही चांदी ने इतिहास रच दिया है और इसका भाव ₹3 लाख प्रति किलो के पार पहुंच गया है। यह अब तक का रिकॉर्ड स्तर माना जा रहा है।
वहीं, चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी तेज़ी दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती, डॉलर में उतार-चढ़ाव और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के चलते सोने के दाम ऊपर चढ़े हैं। जानकारों के मुताबिक, निवेशकों का रुझान एक बार फिर गोल्ड और सिल्वर की ओर बढ़ा है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि औद्योगिक मांग, इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में चांदी के उपयोग और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता ने चांदी के दामों को नई ऊंचाई दी है। वहीं, सोना पारंपरिक रूप से सेफ हेवन इन्वेस्टमेंट माना जाता है, जिस कारण इसमें भी लगातार मजबूती बनी हुई है।
यदि यही ट्रेंड जारी रहा, तो आने वाले महीनों में सोना-चांदी दोनों में और तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि, निवेश से पहले बाजार के उतार-चढ़ाव को समझना जरूरी है।
















