साल 2026 की शुरुआत से पहले ही कीमती धातुओं ने इतिहास रच दिया है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चांदी और सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं, जिससे निवेशकों और बाजार विश्लेषकों में हलचल मच गई है।
🔹 चांदी ने बनाया नया रिकॉर्ड
चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है।
- घरेलू बाजार में चांदी ₹2.83 लाख से बढ़कर ₹3 लाख प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गई है।
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी $89.80 प्रति औंस तक पहुंच गई, जो अब तक का सर्वोच्च स्तर माना जा रहा है।
यह तेजी न केवल भारत बल्कि वैश्विक कमोडिटी बाजारों में भी ऐतिहासिक मानी जा रही है।
🔹 सोने में भी जबरदस्त उछाल
सोने की कीमतें भी पीछे नहीं रहीं।
- MCX पर फरवरी वायदा सोना ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम के ऊपर कारोबार कर रहा है।
- वहीं, स्पॉट मार्केट में सोने की कीमतें लगभग ₹1.5 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच चुकी हैं।
सोना लंबे समय से सुरक्षित निवेश (Safe Haven Asset) माना जाता है और मौजूदा वैश्विक हालात में इसकी मांग और बढ़ गई है।
🔹 तेजी के प्रमुख कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने-चांदी में इस रिकॉर्ड तेजी के पीछे कई अहम वजहें हैं—
- भू-राजनीतिक तनाव: ईरान, रूस और यूक्रेन से जुड़े हालात ने वैश्विक अनिश्चितता बढ़ाई है।
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व को लेकर चिंता: ब्याज दरों और मौद्रिक नीति को लेकर असमंजस।
- डॉलर में कमजोरी: कमजोर डॉलर से कीमती धातुओं को मजबूती मिली है।
- सुरक्षित निवेश की मांग: शेयर बाजार की अस्थिरता के बीच निवेशक सोने-चांदी की ओर रुख कर रहे हैं।
🔹 ऐतिहासिक बढ़त ने चौंकाया बाजार
आंकड़े इस तेजी की गंभीरता को साफ दिखाते हैं—
- 2025 की शुरुआत से चांदी की कीमतों में 200% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।
- वहीं सोने की कीमतों में 85% से अधिक का उछाल आया है।
यह वृद्धि बीते कई दशकों की सबसे बड़ी तेजी में गिनी जा रही है।
🔹 निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक वैश्विक अनिश्चितता बनी रहेगी, सोना और चांदी निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प बने रहेंगे। हालांकि, इतनी ऊंचाई पर निवेश से पहले जोखिम और लाभ दोनों का आकलन जरूरी है।

















