सोने (Gold) की कीमतों में पिछले कुछ समय से जो ऐतिहासिक तेजी देखी जा रही है, उसने निवेशकों के मन में यह सवाल पैदा कर दिया है कि क्या अब सोने का अगला पड़ाव ₹1,50,000 प्रति 10 ग्राम होगा। फरवरी 2026 की शुरुआत में भारत में 24 कैरेट सोने की कीमतें पहले ही ₹1,55,000 से ₹1,58,000 के स्तर को छू चुकी हैं।
यहाँ इस तेजी के पीछे के कारण, भविष्य का अनुमान और निवेश की रणनीति का पूरा विश्लेषण दिया गया है:
क्या सोना ₹1.5 लाख के स्तर को पार करेगा? (Latest Forecast)
वर्तमान बाजार आंकड़ों और वैश्विक ब्रोकरेज हाउसों की रिपोर्ट के अनुसार, सोना न केवल ₹1.5 लाख को पार कर चुका है, बल्कि यह और ऊपर जाने की ओर अग्रसर है।
- मौजूदा स्थिति: 9 फरवरी 2026 को दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में 24K सोने का भाव लगभग ₹1,57,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है।
- ब्रोकरेज हाउस का अनुमान: Goldman Sachs और Bank of America जैसी संस्थाओं ने 2026 के लिए सोने का लक्ष्य (Target) $4,900 से $5,400 प्रति औंस तक रखा है। भारतीय मुद्रा (INR) में यह अनुमान लगभग ₹1.75 लाख तक जाता है।
- चांदी का हाल: चांदी ने भी सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए ₹2.5 लाख प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक स्तर को पार कर लिया है।
तेजी के 3 मुख्य कारण
- डॉलर में गिरावट: वैश्विक बाजारों में अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने का सीधा असर सोने पर पड़ता है। जब डॉलर गिरता है, तो सोना खरीदना सस्ता (अंतरराष्ट्रीय स्तर पर) हो जाता है, जिससे इसकी मांग और कीमत बढ़ जाती है।
- केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: भारत, चीन और कई अन्य उभरते देशों के केंद्रीय बैंक अपनी दौलत को सुरक्षित रखने के लिए डॉलर के बजाय सोने के भंडार (Gold Reserves) को बढ़ा रहे हैं।
- भू-राजनीतिक तनाव: वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता (युद्ध और व्यापारिक विवाद) निवेशकों को सोने की ओर धकेलती है, जिसे “Safe Haven” माना जाता है।
डॉलर की गिरावट और बढ़ती कीमतों का फायदा कैसे उठाएं?
यदि आप अपनी दौलत को महंगाई और मुद्रा की गिरावट से बचाना चाहते हैं, तो इन रणनीतियों पर विचार करें:
- Sovereign Gold Bonds (SGB): यदि आपका उद्देश्य केवल निवेश है, तो SGB सबसे अच्छा विकल्प है। इसमें मेकिंग चार्ज नहीं लगता, शुद्धता की गारंटी है और सरकार हर साल 2.5% ब्याज भी देती है।
- Gold ETFs और डिजिटल गोल्ड: छोटी राशि (₹100 से भी शुरू) में निवेश करने के लिए गोल्ड ईटीएफ या डिजिटल गोल्ड एक बेहतरीन लिक्विड विकल्प है।
- पुराना सोना संभालें: यदि आपके पास पुराना सोना है, तो उसे अभी बेचने के बजाय होल्ड करना बेहतर हो सकता है, क्योंकि विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 के अंत तक कीमतें और नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं।
- डाइवर्सिफिकेशन: अपने कुल पोर्टफोलियो का कम से कम 10-15% हिस्सा सोने में रखें। यह शेयर बाजार की गिरावट के समय आपके निवेश को सुरक्षा प्रदान करता है।
| विवरण | वर्तमान स्थिति (फरवरी 2026) |
| सोना (24K) | ₹1,57,000 – ₹1,58,000 (प्रति 10 ग्राम) |
| चांदी | ₹2,50,000 – ₹2,65,000 (प्रति किग्रा) |
| अनुमान (2026 अंत) | ₹1,70,000 – ₹1,75,000 |
| प्रमुख कारण | डॉलर इंडेक्स में गिरावट, केंद्रीय बैंक की खरीद। |
















