एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां छह दिन पहले मछली खाने के बाद एक व्यक्ति की तबीयत अचानक गंभीर हो गई। पीड़ित ने धीरे-धीरे खाना-पीना बंद कर दिया और बोलने की क्षमता भी खो बैठा, जिसके बाद परिजनों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी में इलाज कर रही है।
डॉक्टरों के अनुसार, यह मामला फूड पॉइजनिंग या न्यूरोटॉक्सिन संक्रमण से जुड़ा हो सकता है, जो कभी-कभी मछली या समुद्री भोजन में मौजूद विषैले तत्वों के कारण होता है। खासतौर पर यदि मछली बासी, अधपकी या गलत तरीके से स्टोर की गई हो, तो इसका असर शरीर के नर्वस सिस्टम पर पड़ सकता है। ऐसे मामलों में लक्षण तुरंत नहीं बल्कि कई दिन बाद भी उभर सकते हैं।
चिकित्सकों ने बताया कि मरीज में कमजोरी, बोलने में दिक्कत, भूख न लगना और शरीर का सुन्न होना जैसे लक्षण पाए गए हैं। समय रहते इलाज न मिलने पर स्थिति और गंभीर हो सकती थी। फिलहाल मरीज को विशेष दवाइयों और पोषण सपोर्ट पर रखा गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि मछली या किसी भी नॉन-वेज भोजन का सेवन करते समय साफ-सफाई और ताजगी का विशेष ध्यान रखें। यदि भोजन के बाद असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो देरी न करते हुए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि खान-पान में लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

















