दिल्ली विधानसभा का सत्र हंगामे की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। 5 जनवरी से शुरू हुए इस सत्र में प्रदूषण मुख्य मुद्दा था, लेकिन अब यह आतिशी बनाम भाजपा की व्यक्तिगत लड़ाई में तब्दील हो गया है।
| पक्ष | मुद्दा | कार्रवाई/विरोध |
| आम आदमी पार्टी (AAP) | वायु प्रदूषण (Air Pollution) | विधायकों ने औद्योगिक मास्क पहनकर प्रदर्शन किया; 4 विधायकों को निलंबित किया गया। |
| भारतीय जनता पार्टी (BJP) | धार्मिक भावनाएं (Alleged Insult) | आतिशी पर सिख गुरु के अपमान का आरोप; सदस्यता रद्द करने की मांग और फोरेंसिक जांच के आदेश। |
सत्र के पहले दिन से ही नेता प्रतिपक्ष आतिशी के नेतृत्व में आप विधायकों ने दिल्ली की जहरीली हवा को लेकर मोर्चा खोल रखा है। आप का आरोप है कि भाजपा सरकार प्रदूषण पर चर्चा से भाग रही है।
मुख्य घटनाक्रम:
- मार्शल आउट और निलंबन: 5 जनवरी को जब आप विधायकों ने एलजी (LG) के अभिभाषण के दौरान प्रदूषण का मुद्दा उठाया, तो स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने संजीव झा, कुलदीप कुमार और जरनैल सिंह समेत चार विधायकों को सदन से बाहर कर सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया।
- आतिशी का ‘वीडियो’ विवाद: भाजपा का आरोप है कि मंगलवार को प्रदूषण पर चर्चा के दौरान आतिशी ने सिख गुरु तेघ बहादुर जी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की। भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने इस संबंध में एक वीडियो क्लिप साझा की है।
- फोरेंसिक जांच के आदेश: आतिशी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि भाजपा ने ‘डॉक्टर्ड’ (छेड़छाड़ किया हुआ) वीडियो फैलाया है। भारी हंगामे के बीच स्पीकर ने इस वीडियो की 15 दिनों के भीतर फोरेंसिक जांच कराने के आदेश दिए हैं।
- सदन की कार्यवाही ठप: गुरुवार (8 जनवरी) को भी सदन में प्रदूषण पर कोई चर्चा नहीं हो सकी क्योंकि भाजपा विधायक आतिशी की सदस्यता रद्द करने की मांग पर अड़े रहे, जबकि आप सदस्यों ने भाजपा पर ‘झूठ फैलाने’ का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की।
निष्कर्ष: दिल्ली की जनता जहाँ स्मॉग और जहरीले AQI से जूझ रही है, वहीं विधानसभा में पक्ष-विपक्ष की यह जंग समाधान के बजाय एक-दूसरे को नीचा दिखाने में उलझी हुई है।
















