विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति का योगदान जरूरी है। यह बात श्री रुद्रेश परस्ते ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि विकसित भारत केवल सरकार की योजनाओं से नहीं, बल्कि जनभागीदारी, सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच से ही साकार हो सकता है।
श्री परस्ते ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है, लेकिन इस विकास को स्थायी और समावेशी बनाने के लिए हर नागरिक की सक्रिय भूमिका आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में भागीदारी निभाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों का सशक्तिकरण विकसित भारत की नींव है। जब तक गांव आत्मनिर्भर नहीं होंगे, तब तक देश का समग्र विकास संभव नहीं है। इस दिशा में सरकार की योजनाओं के साथ-साथ समाज के सक्षम वर्गों को भी आगे आकर सहयोग करना चाहिए।
श्री रुद्रेश परस्ते ने सामाजिक समरसता, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण को विकसित भारत के प्रमुख स्तंभ बताते हुए कहा कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब हर नागरिक अपने कर्तव्यों को समझे और देशहित को सर्वोपरि रखे। अंत में उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में ईमानदारी और निष्ठा से कार्य कर भारत को एक मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने में योगदान दें।
















