मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित आजीविका मिशन क्षमतावर्धन कार्यशाला के दौरान एक ऐतिहासिक पहल करते हुए “आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना” के अंतर्गत 7 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह योजना मध्यप्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं और आम नागरिकों को सुरक्षित, सस्ती और सुलभ परिवहन सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम है।
क्या है आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना?
आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना केंद्र सरकार के दीनदयाल अंत्योदय योजना — राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत संचालित एक महत्वाकांक्षी परिवहन योजना है। इस योजना के तहत स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को वाहन उपलब्ध कराए जाते हैं जिन्हें वे स्वयं संचालित करती हैं। इससे एक तरफ ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा बेहतर होती है तो दूसरी तरफ दीदियों को रोजगार और आय का एक स्थायी साधन भी मिलता है।
इस योजना का सीधा लाभ उन ग्रामीण इलाकों को होता है जहां सार्वजनिक परिवहन की सुविधा या तो नहीं है या बेहद सीमित है।
7 वाहनों की रवानगी — क्यों है यह खास?
आज रवाना किए गए 7 वाहन मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में सेवा देने के लिए भेजे गए हैं। इन वाहनों की खासियत यह है कि —
- इन्हें स्व-सहायता समूहों की दीदियों द्वारा संचालित किया जाएगा
- ग्रामीण क्षेत्रों में दूरदराज के गांवों को कस्बों और शहरों से जोड़ेंगे
- महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित और किफायती यात्रा का विकल्प मिलेगा
- बाजार, अस्पताल, स्कूल और सरकारी कार्यालयों तक पहुंच आसान होगी
- दीदियों को मासिक आय का नियमित स्रोत प्राप्त होगा
मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
वाहनों को हरी झंडी दिखाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि —
“आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना गांव की दीदियों के लिए सिर्फ एक वाहन नहीं है, यह उनके सपनों और आत्मनिर्भरता की सवारी है। जब दीदियां खुद इन वाहनों को चलाएंगी तो उन्हें रोजगार भी मिलेगा और गांव के लोगों को सुविधा भी। यही है हमारी सरकार का असली संकल्प — हर महिला सशक्त, हर गांव आत्मनिर्भर।”
दीदियों को कैसे मिलता है लाभ?
इस योजना के तहत स्व-सहायता समूहों की महिला सदस्यों को वाहन संचालन का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके बाद उन्हें —
- सब्सिडी पर वाहन उपलब्ध कराए जाते हैं
- ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में सहायता की जाती है
- बैंक ऋण और वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है
- वाहन रखरखाव और मरम्मत की ट्रेनिंग दी जाती है
- एक निश्चित रूट पर नियमित यात्री सेवा संचालित करने का अधिकार दिया जाता है
इससे दीदियों की मासिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि होती है और वे अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बना पाती हैं।
















