अगर बच्चा बार-बार कान पकड़ रहा है, रो रहा है या बेचैनी दिखा रहा है, तो यह साधारण आदत नहीं बल्कि कान में गंभीर संक्रमण का संकेत हो सकता है। चिकित्सकों के अनुसार, बच्चों में मिडिल ईयर इंफेक्शन तेजी से बढ़ता है और समय पर इलाज न मिलने पर सुनने की क्षमता पर असर डाल सकता है। कई मामलों में कान के पर्दे को नुकसान पहुंचने से स्थायी बहरापन तक का खतरा रहता है, इसलिए लक्षण दिखते ही सतर्क होना जरूरी है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि सर्दी-जुकाम, गले का संक्रमण, गंदा पानी कान में जाना या बार-बार कान में उंगली डालना इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। लक्षणों में कान में दर्द, बुखार, कान से पानी या मवाद आना और सुनाई कम देना शामिल है। ऐसे में घरेलू नुस्खों या खुद से दवा देने से बचें और तुरंत ईएनटी विशेषज्ञ से परामर्श लें। समय रहते सही इलाज से बच्चे को दर्द से राहत मिलती है और उसकी सुनने की क्षमता सुरक्षित रहती है।

















