छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी बदलाव देखने को मिला है। गोंडवाना गणराज्य पार्टी (GGP) के 15 सक्रिय कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ग्रहण कर ली, जिससे आदिवासी राजनीति के समीकरणों में हलचल मच गई है।
यह सभी कार्यकर्ता भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए। भाजपा नेतृत्व ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि पार्टी की नीतियों, विकास कार्यों और आदिवासी कल्याण योजनाओं से प्रभावित होकर इन कार्यकर्ताओं ने यह निर्णय लिया है।
सूत्रों के मुताबिक, गोंडवाना गणराज्य पार्टी के भीतर लंबे समय से असंतोष और संगठनात्मक कमजोरी की चर्चा चल रही थी। ऐसे में कई कार्यकर्ताओं का भाजपा की ओर रुख करना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि आने वाले समय में आदिवासी क्षेत्रों में पार्टी की जमीनी पकड़ और मजबूत होगी, जबकि विपक्षी दलों के लिए यह एक रणनीतिक झटका है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह घटनाक्रम आगामी स्थानीय निकाय और विधानसभा चुनावों को प्रभावित कर सकता है।
गोंडवाना गणराज्य पार्टी की ओर से फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन अंदरखाने में मंथन शुरू हो चुका है। वहीं भाजपा इसे संगठन विस्तार और विश्वास की जीत बता रही है।















